केंद्र सरकार ने कृषि सुधार नहीं बल्कि कृषि उजाड़ कानून बनाया है: अखिलेश यादव

अपने वादों से मुकरने वाली भाजपा सरकार से किसानों का भरोसा उठ गया है, क्योंकि आज के हालात देखते हुए केंद्र की सरकार ने कृषि सुधार नहीं बल्कि कृषि उजाड़ कानून बनाया है और यह स्थिति खतरनाक है।

लखनऊ: केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान आंदोलन पर सरकार की हरकत पर शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि अपने वादों से मुकरने वाली भाजपा सरकार से किसानों का भरोसा उठ गया है, क्योंकि आज के हालात देखते हुए केंद्र की सरकार ने कृषि सुधार नहीं बल्कि कृषि उजाड़ कानून बनाया है और यह स्थिति खतरनाक है।

अखिलेश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की कृषि विरोधी नीतियों की वजह से आज देश का किसान समुदाय काफी आक्रोशित है और इससे नाराज होकर सड़क पर आंदोलन छेड़ दिया है। अन्नदाताओं की मांगों पर सरकार सकारात्मक रूख अपनाने के बजाय उन पर आंसू गैस के गोले बरसा रहे है, ठंड के मौसम में आंदोलन कर रहे किसानो पर ठंडे पानी की बौछार करना और लाठियां चलाना घोर निंदनीय है। उन्‍होंने कहा कि देश में लगभग 70 प्रतिशत भारत कृषि पर निर्भर है, फिर भी अपने ही देश के किसानो को भाजपा सरकार ने बेगाना बना दिया है। उनकी आय दोगुनी और फसल के उत्पादन लागत का डेढ़ गुना बढ़ा देने जैसे वायदे भाजपा सरकार ने जुमलेबाजी बनकर रख दिया हैं।

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अखिलेश यादव ने कहा कि देश में हर किसी कप शांतिपूर्ण अहिंसात्मक ढंग से प्रदर्शन करना लोकतंत्र में संवैधानिक अधिकार है, लेकिन भाजपा सरकार प्रदर्शन कर रहे किसानों की बात सुन्ना तो दूर उन्हें चोट पहुंचाने पर तुली है, आने वाले समय में किसानों का यह उत्पीड़न भाजपा सरकार को काफी भारी पड़ेगा।

 

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