नंगे पांव रहने वाले बच्चों में कूदने और संतुलन बनाने की क्षमता होती हैं ज्यादा

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लंदन। नंगे पांव रहने वाले बच्चों में कूदने और संतुलन बनाने की क्षमता उन बच्चों की अपेक्षा बेहतर होती है जो ज्यादा समय तक जूते पहने रहते हैं। यह खुलासा एक नए अध्ययन में हुआ है। हालांकि ज्यादा समय तक जूते पहनने वाले मुख्य रूप से 11-14 आयुवर्ग के बच्चों ने परीक्षण के दौरान बेहतर परिणाम दिए। शोधकर्ताओं ने बताया कि पर्यावरण भी इस परिणाम को प्रभावित कर सकता है।

दक्षिण अफ्रीका स्थित स्टेलनबोस्क विश्वविद्यालय के रेनल वेंटर ने कहा, “हमने पाया कि बच्चों ने कूदने और संतुलन बनाने में बेहतर प्रदर्शन किया है जो यह दर्शाता है कि बचपन और किशोरावस्था में बुनियादी संतुलन का विकास लंबे समय तक नंगे पैर रहने से बेहतर होता है।”

जर्मनी स्थित जेना विश्वविद्यालय के एस्ट्रिड जेच ने कहा, “नंगे पैर रहने से ज्यादा प्राकृतिक रहने का एहसास कराता है और पैरों में कुछ पहनकर चलने से पैरों के स्वास्थ्य और संचालन की प्रगति प्रभावित होती है।”

‘फ्रंटियर्स इन पीडियाट्रिक्स’ जर्नल में प्रकाशित शोध के लिए संतुलन, लंबी कूद और 20 मीटर दौड़ की गतिविधियों के लिए ग्रामीण दक्षिण अफ्रीका तथा उत्तरी जर्मनी के शहरी क्षेत्रों के 6-18 आयु वर्ग के 810 प्रतिभागियों को शामिल किया गया। आदतन नंगे पैर चलने वाले प्रतिभागियों ने संतुलन और ऊंची कूद में आदतन जूते पहनकर चलने वाले प्रतिभागियों की अपेक्षा बेहतर प्रदर्शन किया।

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