EPFO में घोटाला कर मज़दूरों के इक्कीस करोड़ हड़प क्लर्क हुआ फरार

मुंबई : कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दरमियान लगे लॉकडाउन मज़दूरों की मेहनत अफसर चर गए। इस कड़ी में आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुंबई कार्यालय के कर्मचारियों ने सांठगांठ करके कथित रूप से 21 करोड़ रुपये के EPFO फंड का घोटाला किया है।  यह फंड एक कॉमन पीएफ पूल था, जिसमें गबन करने के लिए ईपीएफओ कर्मचारी ने नकली एकाउंट्स का सहारा लिया।

EPFO में नाम होना मतलब नौकरी है पक्की

यह घोटला मुंबई के कांदिवली स्थिति ईपीएफ कार्यालय में अंजाम दिया गया है। फाइनेंसियल एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक ईपीएफओ की जांच में इस घोटाले का मास्टरमाइंड चंदन कुमार सिन्हा है जो कांदिवली स्थित कार्यालय में क्लर्क है। सिन्हा ने 21.5 करोड़ रुपये का घोटाला करने के लिए 817 बैंक अकाउंट का उपयोग किया। यह बैंक अकाउंट माइग्रेंट मजदूरों के थे, जिनके जरिए 21.5 करोड़ रुपये निकालकर सिन्हा ने अपने खातों में ट्रांसफर कर लिये। एक्सप्रेस के मुताबिक, जांच में यह भी पाया कि इन खातों में ट्रांसफर की गई नब्बे प्रतिशत रकम निकाली जा चुकी है। सिन्हा फिलहाल फरार है। वह ऑफिस के ऐसे पांच कर्मचारिओं में से है, जिन्हें धोखाधड़ी के लिए निलंबित कर दिया गया है।

इस कड़ी में आपकी जानकारी के लिए बता दें ईपीएफओ क्लाइंट और फिनांशल लेन-देन के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा सोशल सिक्योरिटी ऑर्गेनाइजेशन है। ईपीएफ की सदस्यता होना औपचारिक रोजगार होने का संकेत माना जाता है।

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