इस गाव में बीजेपी वालो का आना सख्त मना है, जानिए क्या है पूरा मामला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ग्रामीण विकास के लिए शुरू की गई सांसद आदर्श ग्राम योजना, योजना ही रह गई. देश में ऐसी खबरों की कोई कमी नहीं है जो यह बताती है कि सांसद आदर्श ग्राम योजना की स्थिति क्या है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही देश के विकास के लिए नई योजनाओं को लेकर दम भर रहे हों, लेकिन उनके सांसदों के लिए गांवों में बीजेपी के खिलाफ ही बगावत की स्थिति दिख रही है.

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के गांव कचैड़ा को सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने गोद लिया था. अब कचैड़ा के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं के गांव के भीतर आने पर रोक लगा दिया है. गांव के लोगों का आरोप है कि सांसद और मंत्री महोदय ने मिलकर उनकी जमीनें हड़प लीं.

बिल्डरों ने किया जमीनों पर कब्जा

मोदी सरकार में मंत्री महेश शर्मा ने जिस गांव को गोद लिया है वहीं के किसान अब उनके विरोध में उतर आए हैं. लोगों का विरोध इस कदर है कि उन्होंने गांव के बाहर से लेकर अंदर तक ऐसे बोर्ड लटका दिया है जिसमें लिखा हुआ है कि ‘बीजेपी वालों का गांव में आना मना है’. बोर्ड में इस लाइन के ऊपर यह भी लिखा गया है कि यह गांव सांसद महेश शर्मा द्वारा गोद लिया गया है.

गांववालों का यह भी आरोप है कि बीजेपी सांसद पहली और आखिरी बार गांव गोद लेने के वक्त आए थे. उसके बाद से कभी नहीं आए. बीजेपी के सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ महेश शर्मा पर गांव वालों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं. गांव वालों का आरोप है कि केंद्रीय मंत्री और इलाके के सांसद महेश शर्मा ने इलाके के विकास पर ध्यान नहीं दिया. उन्होंने बिल्डरों से मिलकर उनकी जमीनों पर कब्जा करवाया और किसानों की खड़ी फसलों को बर्बाद कर दिया.

बता दें 5 साल पहले ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के लिए सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत की गई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2014 को इस योजना की शुरुआत की थी. इस योजना के तहत सभी सांसदों को अपने संसदीय क्षेत्र में से एक गांव को गोद लेकर वहां के विकास कार्यों पर ध्यान देना होता था. साथ ही गोद लिए गांव में बुनियादी सुविधाओं के साथ ही खेती, पशुपालन, कुटीर उद्योग, रोजगार आदि पर जोर दिया जाना था.

महेश शर्मा के खिलाफ अक्टूबर 2018 से ही विरोध चल रहा है. गांव वालों का यह भी कहना है कि उन्होंने इसका विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें पीटा. उनका कहना है कि 84 किसानों को 14 दिनों तक जेल में बंद रखा गया.

इस विरोध में बड़ी संख्या में महिला भी शामिल हैं. गांव वालों का कहना है कि इस गांव को 2016 में गोद लिया गया था. गौतमबुद्ध नगर लोकसभा क्षेत्र के ग्राम कचैड़ा में करीब 8,000 लोगों की आबादी है. महेश शर्मा के खिलाफ पूरे गांव में बोर्ड लगाए गए हैं.

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