नोटबंदी घोटाले को लेकर कांग्रेस ने किया बड़ा खुलासा, बीजेपी का सच आया सामने

नई दिल्ली। कांग्रेस ने शनिवार को वित्तमंत्री पीयूष गोयल पर आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह के नोटबंदी घोटाले को छिपाने के लिए उन्होंने नाबार्ड को बयान जारी करने को बाध्य किया। कांग्रेस ने नाबार्ड सहित मामले की ऑडिट रिर्पोट सार्वजनिक करने की मांग की। कांग्रेस ने भाजपा पर घोटालेबाजों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में एक और बैंक घोटाला प्रकाश में आया है, जिसमें डी. एस. कुलकर्णी (डीएसके) समूह ने 2,000 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया है।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि पीयूष गोयल ने नाबार्ड पर प्रेस को बयान जारी करने के लिए दबाव डाला। नाबार्ड की वेबसाइट पर जारी बयान भाजपा का बयान प्रतीत होता है, जिसमें सिर्फ अमित शाह का बचाव किया गया है।

उनका आरोप है कि नाबार्ड ने जानबूझकर सूचना का अधिकार (आरटीआई) के जरिए प्रकाश में आए तथ्यों को हटा दिया है, जिसमें 3,118.51 करोड़ रुपये मूल्य के पुराने नोट महज पांच दिनों के दौरान गुजरात के 11 सहकारी बैंकों में जमा होने का खुलासा हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता इन बैंकों के साथ जुड़े हुए हैं।

खेड़ा ने कहा कि भाजपा और इसके सहयोगियों द्वारा शासित राज्यों के जिला सहकारी बैंकों में महज पांच दिनों में सभी सहकारी बैंकों में जमा प्रतिबंधित नोटों का 64.18 फीसदी यानी 22,270.80 करोड़ रुपये मूल्य के नोट जमा हुए।

राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक में नोटबंदी के दौरान भारी मात्रा में नोट जमा होने के मामले में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी केवाईसी के दिशानिर्देशों का पालन होने का दावा किए जाने के एक दिन बाद कांग्रेस नेता का यह बयान आया है।

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