संसद में मोदी सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस ने बनाया मास्टर प्लान, इन मुद्दों को लेकर मचेगा घमासान

नई दिल्ली : कांग्रेस (Congress) ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और तीन नए कृषि कानूनों (Agricultural laws) के खिलाफ किसानों के आंदोलन के मुद्दे पर सोमवार से शुरू हुए संसद सत्र (Parliament session) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को निशाने पर लेने का फैसला किया है।

ईंधन की बढ़ती कीमतों से जन-मानस परेशान

रविवार को कांग्रेस (Congress) की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) की अध्यक्षता में संसद की रणनीति समूह की बैठक में पार्टी ने यह फैसला लिया है। बैठक में मौजूद एक नेता ने कहा कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि ने आम नागरिकों के जीवन को प्रभावित किया है। केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल पर जरुरत से कई गुना ज्यादा टैक्स वसूल रहीं हैं। इसके अलावा, बैठक में यह भी देखा गया कि किन -किन राज्यों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। डीजल की कीमतें भी बढ़ रही हैं जिससे मुद्रास्फीति बढ़ रही है।

इसके साथ ही बैठक में दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहें किसानों को लेकर भी चर्चा की गई है। इसको लेकर बैठक में मौजूद एक नेता ने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन 100 दिन के पार पहुंच गया है, लेकिन केंद्र सरकार (central government) उनकी बात सुनने के मूड में नहीं है। इसलिए, यह निर्णय लिया गया कि पार्टी इन मुद्दों पर सरकार से मांग करेगी कि इस पर संसद में चर्चा होनी चाहिए और देश के लोगों को राहत दी जानी चाहिए। नेता ने कहा कि कांग्रेस संसद के बाहर भी कई दिनों से इस मुद्दे को उठा रही है, उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने भी इस संबंध में एक बयान जारी किया था।

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बता दें कि कांग्रेस संसदीय दल की बैठक आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की। इस बैठक में पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा में पार्टी के उप नेता आनंद शर्मा, जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, मणीकम टैगोर और मनीष तिवारी शामिल हुए।

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