खुले में नमाज़ पढ़ने को लेकर हुआ विवाद, जमीन हथियाने का लगाया आरोप

नई दिल्ली। आगामी चुनाव से पहले एकबार फिर धर्म के मुद्दों ने शहर में रुख ले लिया है। यह कोई पहला मामला नहीं जैसी चुनाव दस्तक देते हैं। ये मुद्दें अपने आप ही समाज में पनपने लगते हैं। इसी के साथ गुरुग्राम में इस विवाद को भी अंजाम दिया गया।

मामला गुरुग्राम के वजीराबाद का है जहां हिन्दु मुस्लिम को लेकर विवाद गहरा गया। पक्षों में बात इतनी बिगड़ गई कि विवाद शहर के दूसरे भाग तक पहुंच गया। कहा जा रहा है दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अल्पसंख्यकों समुदाय के लोगों को खुले में नमाज़ पढ़ने से रोका था।

बताया जा रहा है यह विवाद शुक्रवार को हुआ। जहां शहर में मस्जिद की कमी होने के कारण लोग खुले में नमाज़ पढ़ रहे थे। तभी कुछ लोगों ने वहां मौजूद नमाजियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और भगाने के लिए। इस वारदात से माहौल गरमा गया। हिन्दुवादि संगठनों ने नमाजियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह लोग रोज़ वहां नमाज़ पढ़कर उस जमीन पर कब्जा करके मस्जिद बनाना चाहते हैं। साथ ही इन लोगों ने य़ह आरोप लगाया है कि यह लोग अवैध तरीके से देश में घुसने वाले बांग्लादेशी हैं और कहा कि इन्हें यहां से चले जाना चाहिए।

इसी बात का विरोध करते हुए नमाजियों को रोका गया जिसके बाद वहां मौजूद लोगों में झड़प शुरु हो गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने वहां मौजूद 6 लोगों को गिरफ्तार किया था। कहा जा रहा है इसके बाद ही वहां विवाद ने जोर पकड़ा हुआ है।साथ ही कई हिन्दू संगठनों ने जय श्रीराम के और बांग्लादेशी वापस जाओ के साथ साथ कई नारे भी लगाए।

मामले को लेकर राजीव मित्तल, राष्ट्रीय प्रभारी, अखिल भारतीय हिंदू क्रांति दल का कहना है कि संगठनों की आड़ में कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले पर सोमवार को एकबार फिर से रणनीति बनाई जाएगी। नमाज पढ़ने से रोकने के लिए वहां विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, हिन्दू क्रांति दल, गऊ रक्षक दल और शिवसेना के सदस्य भी पहुंच थे।

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