सुत्ता सिंह के पद से हटते ही शिक्षक भर्ती से जुड़ी कॉपियां जलाई गईं, साजिश की आशंका

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इलाहाबादः बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत सुत्ता सिंह के पद से हटते ही परीक्षा नियामक कार्यालय के पीछे शिक्षक भर्ती से जुड़ी कॉपियों को जलाने का मामला सामने आया है। अभ्यर्थियों ने इसकी वीडियो भी सोशल साइट्स पर पोस्ट की है।

इसकी वजह से परीक्षार्थियों में काफी आक्रोश है। परीक्षार्थियों ने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण उनका परिश्रम घोटाले की भेंट चढ़ गया है। इस मामले को लेकर परीक्षा नियामक विभाग अफरा-तफरी मची रही।
हालांकि अभी कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

अभ्यर्थियों ने बताया कि टीईटी प्रमाण-पत्र 5 वर्ष के लिए वैध होता है। जब वैकेंसी 9 जनवरी, 2018 को निकली थी तब हम लोग सभी पात्रता पूर्ण करते थे।

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अब जब हम लोग नियुक्ति पत्र मांग रहे हैं तो हमें कहा जा रहा है कि आप लोगों का टीईटी प्रमाण-पत्र वैध नहीं है। परीक्षा नियामक कार्यलय में जिस तरह से परिक्षार्थियों की कॉपियां जलाई गई उससे विभाग में बड़ी साजिश की आशंका है।

बता दें कि, सुत्ता सिंह को परीक्षा में धांधली करने के लिए पद से तत्काल हटा दिया गया था।

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