देश ने बढ़ाया ISRO का हौसला, सोशल मीडिया पर बोले लोग- ‘गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में…’

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किसी शायर ने क्या खूब लिखा है, ” बिना कीमत चुकाए कोई भी राजा नहीं होता, सफलता का कोई गुप्त दरवाजा नहीं होता, हमें डूबना मंजूर है दरिया में इसी खातिर, बिना डूबे गहराई का अंदाजा नहीं होता..”बात भी सही है तैरना वही सीखते हैं जिन्हें डूबने का डर नहीं होता और देश के वैज्ञानिक भी इसी तरह के हैं. वो सफलताओं और असफलताओं के फेर में नहीं पड़ते बल्कि देश को गौरवान्वित करने का निरंतर प्रयास करते रहते हैं. इस प्रयास में कई बार बाधाओं का भी सामना करना पड़ता है लेकिन इन बाधाओं से उनके हौसले बिल्कुल नहीं कम होते. ऐसा ही देखने को मिला मिशन चंद्रयान-2 के दौरान…देश भी ISRO के वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ा रहा है. हर कोई कह रहा है कि देश के वैज्ञानिकों पर उन्हें गर्व है.

 

एक यूजर ने लिखा, ”हमने अपने पहले प्रयास में ही 95 प्रतिशत सफलता हासिल किया. ISRO सर्वश्रेष्ठ है. जब हमारे पास ऐसे पीएम हैं जो प्रेरित करते हैं और प्रोत्साहित करते हैं तो कुछ भी असंभव नहीं है. हम अन्य राष्ट्रों की तुलना में बहुत पहले सफलता प्राप्त करेंगे.”एक अन्य यूजर ने लिखा कि हर भारतीय का दिल टूटा हुआ है जिसने इस तस्वीर को देखा. हमारे इसरो चीफ के सिवन की आंखों में मिशन के बाद आंसू आए. आप पर गर्व है सर..हम आपके साथ हैं.

एक और ट्विटर यूजर ने कहा कि देश को ISRO और अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है. यूजर ने ट्वीट किया, ”एक संस्थान जिसने देश को 2 बजे रात में टीवी के सामने बैठने पर मजबूर कर दिया वह कभी हारे हुए नहीं हो सकते हैं. आपके लिए हमारा प्यार और सम्मान है. भारतीय होने पर गर्व है.”

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