‘देश एक बार फिर चंपारण (Champaran) जैसी त्रासदी झेलने जा रहा है’

राहुल गांधी ने कहा, ‘देश एक बार फिर चंपारण जैसी त्रासदी झेलने जा रहा है सत्याग्रही किसान अब मांग पूरी होने पर ही लौटेंगे’

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने चल रहे किसान आंदोलन की तुलना गांधी जी के नेतृत्व में हुए चंपारण किसान आंदोलन (Champaran farmer Strike) से करते हुए कहा कि आंदोलनरत किसान भी सत्याग्रही है और वे तब ही लौटेंगे जब उनकी मांग पूरी हो जाएगी।

राहुल गांधी का बयान

राहुल गांधी ने आंदोलन कर रहे किसानों को भी चंपारण के किसानों की तरह सत्याग्रही आंदोलनकारी बताया और कहा कि आज के किसान भी पक्के सत्याग्रही है और मांग पूरी होने तक सत्याग्रह नहीं छोड़ेंगे।

राहुल गांधी ने कहा, ‘देश एक बार फिर चंपारण जैसी त्रासदी झेलने जा रहा है। तब अंग्रेज कंपनी बहादुर था, अब मोदी-मित्र कंपनी बहादुर हैं, लेकिन आंदोलन का हर एक किसान-मजदूर सत्याग्रही है जो अपना अधिकार लेकर ही रहेगा’।

ऐतिहासिक किसान आंदोलन

गौरतलब है कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में बिहार के चंपारण में अप्रैल 1917 में ऐतिहासिक किसान आंदोलन हुआ था। गांधीजी ने दक्षिण अफ्रीका में आजमाए सत्याग्रह और अहिंसा के अपने रास्ते का स्वदेश में पहला प्रयोग चंपारण में किया और अंग्रेज सरकार को अपना फ़रमान वापस लेना पड़ा था।

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