अपने हक के लिए सरकार से लड़ने से भी नहीं डरेंगे मदरसा शिक्षक

0

(सग़ीर ए ख़ाकसार)

लखनऊ। शिक्षक समाज का निर्माता है। सभी शिक्षक मेरे लिए प्रिय हैं। चाहे वे मदरसे के हों या फिर अन्य किसी कॉलेज या विद्यालय के। मैं उनके लिए सदैव संघर्ष करता रहूंगा।फिलहाल सरकार से डरने की ज़रूरत नहीं है।आप की समस्या अब मेरी समस्या है। मदरसे और उनके शिक्षकों की समस्याओं का समाधान वाद संवाद के ज़रिए सरकार से करवाने का प्रयास किया जाएगा। हमारा माध्यमिक शिक्षक संघ भी आप के साथ है। समस्याओं का समाधान अगर नहीं हुआ तो , सड़क पर उतर कर भी संघर्ष किया जाएगा।

समाज का निर्माता

यह विचार उ0प्र0 माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश मंत्री डॉ महेंद्र राय ने आज दारुलशफा लखनऊ में ऑल इंडिया टीचर्स  एसोसिएशन मदारिसे अरबिया की बैठक में ब्यक्त किया ।श्री राय ने प्रदेश भर से आये मदरसे के शिक्षकों,प्रधानाचार्यों, और एसोसिएशन के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जो मदरसा शिक्षकों का हक है वो उन्हें मिलना चाहिए।पूर्वर्ती सरकारों के खिलाफ भी हम सब संघर्ष करते थे।वर्तमान सरकार से भी लड़ेंगे।मैं किसी भी दल में नहीं हूं।मेरे सम्बन्ध सभी दलों से है।लेकिन मेरे लिए सर्वोच्च है शिक्षक और उसकी समस्या।जांच और तफ्तीश के नाम पर किसी भी तरह का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हम सब पेशे से शिक्षक है और हमारा काम समतामूलक समाज की स्थापना है।शिक्षकों को परेशान अगर सरकार करेगी तो हम भी चैन से नहीं बैठेंगे।समस्या के समाधान तक संघर्ष करूँगा। एसोसिएशन के महामंत्री  वहीदुल्लाह खान सईदी ने कहा कि प्रदेश में 560 मदरसे अनुदानित हैं।करीब 4500 मदरसे आलिया स्तर के मान्यता प्राप्त है।हमें जांच से कोई समस्या नहीं है लेकिन मदरसे के शिक्षकों का जांच के नाम पर वेतन रोकना कहाँ तक न्याय संगत है।

कुछ मदरसों की तो कई कई बार जांच करवाई गई है।नियमावली में कहीं भी वेतन रोकने का प्रावधान नहीं है।काफी संघर्ष के बाद प्रदेश के कुछ मदरसों को बजट मिल पाया है।अभी भी कुछ मदरसों को बजट नहीं मिला है ।जिससे मदरसा शिक्षकों के समक्ष रोज़ी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।प्रदेश सचिव शमशाद अहमद ने कहा कि ज़रूरी है कि मदरसे के सभी ज़िम्मेदारान सरकार के नियमों का पालन करें।श्री शमसाद ने कुछ नियमों और शासनादेशों से उपस्थित लोगों को अवगत भी कराया।

आल इंडिया आधुनिक मदरसा शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी मुस्लिम रज़ा खां ने आधुनिक शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुवात तिलावते कुरान पाक से मौलाना जुबेर ने और नाते नबी से मौलाना सफातुल्लाह ने की।

प्रदेश भर से आये  एसोसिएशन के लोगों ने अपने अपने ज़िले की समस्याओं से भी अवगत कराया ।बलरामपुर,गोंडा, सिद्धार्थ नगर,महराजगंज,गोरखपुर,कुशीनगर देवरिया,सोनभद्र,गाजीपुर,बलिया,मऊ,चंदौली,बनारस,इलाहाबाद,अमरोहा,आगरा,सहारनपुर,बिजनौर,फिरोजाबाद,सीता पुर,कानपुर,हमीरपुर,बाराबंकी,आदि ज़िले के प्रतिनधियों ने भी अपने अपने ज़िले की समस्याओं से रूबरू कराया।कार्यक्रम में कासिम अंसारी,अब्दुल्लाह बुखारी,रियाज़ अहमद खान,तारिक़ शम्सी,हाजी जुनैद,डॉ शारिक इक़बाल,मौलाना निज़ामुद्दीन नूरी,मौलाना मुस्तकीम निज़ामी,सग़ीर ए ख़ाकसार,सफतुल्लाह,नौशा,हामिद अली,अतीकुर्रहमान,मौलाना अबूबकर,आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना आलम रज़ा नूरी कानपुर, और संचालन तारिक़ शम्सी ने किया।

loading...
शेयर करें