डॉक्टर की कोठी से मिली मासूम,पुलिस के सामने आया चौकाने वाली बात जानिए क्या..  

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उत्तराखंड: देहरादून में एक ऐसा मामला सामने आया, जहा एक महिला डॉक्टर की कोठी से बाल मजदूरी करती बालिका को मुक्त कराने के मामले में रविवार को बालिका की मां डॉक्टर की समर्थन में उतर आई। शहर कोतवाली पहुंचकर बालिका की मां ने बताया कि उन्होंने बालिका को काम करवाने नहीं, बल्कि इलाज करवाने ‘मैडम’ के घर भेजा था। वह ‘मैडम’ को पहले से जानती हैं। दोनों हाथ कमजोर होने पर बेटी का इलाज किया जा रहा था। रविवार को बालिका के परिजन दून पहुंचे। शहर कोतवाली पहुंचकर डॉक्टर पल्लवी के खिलाफ दर्ज मुकदमे का उन्होंने विरोध किया। बालिका की मां ने कहा कि उसे पूछे बिना बालिका को डॉक्टर के घर से लेकर जाने की किसी की हिम्मत कैसे हुई। बालिका की मां ने बताया कि दो अप्रैल से उसने ही अपने देवर के साथ बेटी को ‘मैडम’ के देहरादून स्थित घर भेजा था। फिलहाल पुलिस ने बालिका को बालिका निकेतन भेज दिया है।

डॉक्टर पर आरोप

गौरतलब है कि शनिवार को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम और बाल कल्याण समिति के सदस्य सुधीर भट्ट ने लूथरा नर्सिंग रुद्रा अस्पताल की डॉक्टर पल्लवी सिंह की कोठी से दस साल की बालिका को मुक्त कराया था। आरोप है कि डॉक्टर बालिका को बंधक बनाकर घर का सारा काम करा रही थी। बालिका सहमी रहती थी।

आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी के मुताबिक बालिका लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) निवासी है। 15 दिन पहले ही उसे देहरादून लाया गया था। इस मामले में आरोपी डॉक्टर के खिलाफ शहर कोतवाली में जेजे एक्ट और मानव तस्करी की धारा में मुकदमा दर्ज कराया गया है। उधर, मुकदमे की विवेचक कुसुम ने बताया कि परिजनों से पूछताछ की गई है। उन्होंने बताया कि आपसी सहमति से बालिका को दून भेजा गया था। अभी महिला डॉक्टर से पूछताछ की जानी है। मामले की जांच जारी है।

महिला डॉक्टर की कोठी से बालिका को कराया था मुक्त

बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने शनिवार को रेसकोर्स रोड स्थित महिला डॉक्टर की कोठी में छापा मारकर दस साल की बालिका को मुक्त कराया। आरोप है कि बालिका को बंधक बनाकर घरेलू काम कराया जा रहा था। इस मामले में महिला चिकित्सक के खिलाफ शहर कोतवाली में जेजे एक्ट और मानव तस्करी की धारा में मुकदमा दर्ज कराया गया है। फिलहाल मासूम को बालिका निकेतन में भेजा गया है।
शनिवार को हेल्पलाइन 181 में कार्यरत सीमा खान ने रेसकोर्स वैली स्थित कोठी में एक बालिका को काम करते हुए देखा। बाल मजदूरी की आशंका के चलते उन्होंने इसकी सूचना बाल अधिकार संरक्षण आयोग को दी, जिस पर आयोग की टीम और बाल कल्याण समिति के सदस्य सुधीर भट्ट ने लूथरा नर्सिंग रुद्रा अस्पताल की डॉ. पल्लवी सिंह की कोठी में छापा मारा। टीम के अनुसार कोठी में दस साल की बालिका काम करती पाई गई।

चिकित्सक पर मुकदमा दर्ज

आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी के मुताबिक बालिका लखीमपुर खीरी (उप्र) निवासी है। जिसे 15 दिन पहले ही दून लाया गया था। बताया कि डॉ. पल्लवी बालिका को डरा धमका कर घर का काम कराती थी। इससे बालिका बहुत सहमी हुई थी। मामले में चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस मौके पर बचपन बचाओ आंदोलन के सुरेश उनियाल, चाइल्डलाइन की दीपा और ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल की टीम कोतवाली में मौजूद रही।
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