उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद

इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और तीर्थ-पुरोहित उपस्थित रहे।

गंगोत्री/बदरीनाथ: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट वैदिक मन्त्र उच्चारण के मध्य रविवार को मध्याह्न 12.15 बजे शीतकाल के लिये बंद हो गये। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और तीर्थ-पुरोहित उपस्थित रहे।

आज अन्नकूट- गोवर्द्धन पूजा दिवस पर विधिवत पूजा अर्चना के साथ मां गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हुए। इस वर्ष कोरोना संक्रमन के बावजूद, साढ़े तेईस हजार श्रद्धालुओं ने मां गंगा के दर्शन किए। कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की उत्सव डोली शीतकालीन प्रवास मुखबा के लिए रवाना हुई।

इस अवसर पर मंदिर समिति अध्यक्ष सुरेश सेमवाल, दीपक सेमवाल, राजेश सेमवाल, हरीश सेमवाल सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। कपाट बंद होने तथा उत्सव डोली के प्रस्थान के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया।

देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़ ने बताया कि अब सोमवार16 नवंबर को भैयादूज के अवसर पर ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग बाबा केदारनाथ धाम के कपाट प्रात: 08.30 बजे एवं मां यमुनोत्री धाम के कपाट 12 बजकर 15 मिनट पर बंद होंगे। जबकि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट गुरुवार 19 नवंबर को शाम 03 बजकर 35 मिनट पर बंद होंगे। जबकि द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट 19 नवंबर को प्रात: सात बजे बंद होंगे।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व चार नवम्बर को तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट और 17 अक्तूबर को चतुर्थ केदार रूद्रनाथ के कपाट शीतकाल के लिये बंद हो गये। इस बार श्री मद्महेश्वर जी की उत्सव डोली 22 नवंबर को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंच रही है। इसी दिन परंपरा के अनुसार श्री मद्महेश्वर मेला भी आयोजित होता है।

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