ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे को अभी एक महीना भी नहीं हुआ, चोरी हो गया करोड़ो का सामान

नई दिल्ली। अभी एक महीना भी नहीं हुआ था लेकिन चोरों की ओछी हरकतें जरुर सामने आ गई। विकास के नाम पर बनाया गया एक्सप्रेस वे उनके निशाने पर आ गया। करोड़ो की लागत से बने ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे का 27 मई को पीएम मोदी ने उद्धाटन किया था। उन्होंने जनता को इसे एक तोहफे रुप में दिया था। इस तोहफे की लागत करीब 11 हज़ार करोड़ो रुपए की थी, लेकिन कहा जा रहा है उनके इस तोहफे को अब पालीता लगता जा रहा है। उद्घाटन के बाद से एक्सप्रेस वे पर लगातार चोरियां हो रही। कभी बिजली के खंभे तो कभी सोलर पैनल और सड़क किनारे लगी लोहे की फेंसिंग तक चोरी हो रही हैं। साथ ही सबसे बड़ी बात की यह सारी चोरियां सिर्फ 15 दिनों में हुई हैं।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा जा रहा है कि ऐसी चोरियां पहले भी वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चली महामना एक्सप्रेस पर भी हो चुकी है। चोरों के बुलंद हौंसले देखते हुए बताया जा रहा है कि वह यहां से लोहे के सरिया, एंगल तो छोड़िए, लोग फव्वारों की टोंटी और अंडरपास में लगी लाइटें तक खोल ले गए। मामले की जानकारी देते हुए एनएचएआई के पीडी किशोर कान्याल ने बताया कि “ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर लाइट की व्यवस्था के लिए सोलर पैनल लगाए गए हैं। सोलर पैनल खासतौर से इंटरचेंज पर लगाए गए हैं। लेकिन चोरों के बुलंद हौसले देखिए कि वहां से भी पैनल और बैटरी चोरी करके ले गए। इतना ही नहीं हाईमास्क के लिए लगाए गए खंभों को भी चोरों ने नहीं छोड़ा. कई जगह से खंभे चोरी हो गए हैं। बिजली के तार भी चोर चोरी करके ले गए हैं।”

आगे उन्होंने बताया कि इंडिया गेट, सारनाथ, कुतुबमीनार आदि की लिपिकाएं लगाई गई हैं उसे भी चोरों ने नहीं बख्शा। उन्होंने बताया कि इन लिपिकाओं के साथ भी छेड़छाड़ करी गई है। काम करने वाले जिम्मेदार लोगों ने बताया अब तक एक्सप्रेस-वे से लगभग चार दर्जन सोलर प्लेट, लाखों की लाइटें, करीब एक करोड़ रुपयों का लोहा, सेट¨रग का सामान, दो डीजल जेनरेटर समेत करोड़ रुपए कीमत का सामान चोरी हो चुका है। इसकी जानकारी पुलिस को भी दी गई है लेकिन अभी तक उसमें कोी कार्रवाई नहीं हो सकी है।

बता दें, इस एक्सप्रेस वे का उद्घाटन जरुर हो चुका है लेकिन इसकी सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। अभी भी इस पर फिनिशिंग का काम चल रहा है। यहां तक अभी इस पर टोल प्लाजा भी पूरी तरह से बनकर नहीं तैयार हुआ है।

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