यहां के किसान आवंला कि खेती करके हो रहे मालामाल, देश में हो रही खासी डिमांड

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शाजापुर। यह जनपद वैसे तो संतरे की फसल के लिए पूरे भारत में अपनी खास पहचान बनाएं हुए। वहीं यहां की एक और फसल है जो अपनी छाप छोड़ने के लिए बेचैन है। बता दें कि खास किस्‍म की खेती के लिए मशहूर यह जनपद आवला में रिकार्ड दर्ज कराने के करीब पहुंच रहा है। वो इसलिए क्‍योंकि इस बार ज्‍यादा आवंला पैदा करने वाला उत्‍तर प्रदेश का जिला प्रतापगढ़ से निराशा हाथ लगी है।

अगर जनपद की अन्‍य फसलों की बात करें तो यहां पर आवला के साथ साथ आलू, संतरा, प्याज का उत्पादन बहुतायात में होता है, लेकिन आंवला जैसी औषधि फसल के उत्पादन के प्रति अभी किसानों का रूझान कम ही है। लेकिन इस बार कुछ किसानों के फसलों से जो परिणाम मिल रहे हैं। वह इस ओर इशारा कर रहें कि जनपद आंवला में रिकार्ड दर्ज कराने की ओर बढ़ रहा है।

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यहां से पैदा किये गये आवंला वर्तमान समय में बिहार, उत्तरप्रदेश, पंजाब, उत्तराचंल तक भेजा जा रहा है। जिसका प्रयोग कई औषधि और च्यवनप्राश के साथ ही दवाओं को बनाने में प्रयोग किया जा रहा है। अच्‍छी किस्‍म की पैदावार देखकर कई व्‍यापारी सीधे खरीदने के लिए जनपद आ रहे है।

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