ढांसा बॉर्डर पर किसान का हुआ अंतिम संस्कार, बात नहीं मान रही सरकार

झज्जर: दिल्ली के ढांसा बॉर्डर पर रविवार को किसान कर्मबीर की मौत हो गई। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव गुढा में किया गया। शहीद कर्मबीर के बड़े पुत्र ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। शहीद कर्मबीर का पार्थिव शरीर सवेरे जफरपुर दिल्ली से उनके गांव गुढ़ा ले जाया गया। रास्ते में ढांसा बॉर्डर पर धरना स्थल पर सभी किसानों ने उनको श्रद्धांजलि दी।

नम आंखों से दी गई विदाई

दोहपर को जब शहीद कर्मबीर का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा तो बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल होने को पहुंचे। लोगों ने नम आंखों से किसान कर्मबीर को अंतिम विदाई दी। हजारों लोगों का काफिला उनके घर से अन्तिम यात्रा में चल पड़ा। शमशान घाट (भूमि) में सभी ने दो मिनट का मौन धारण करके शहीद कर्मबीर को श्रद्धांजलि दी।

किसान की याद में बनेगा स्मारक

गांव के सरपंच ने घोषणा की कि गांव में आधा एकड़ जमीन पर शहीद कर्मबीर की याद में एक स्मारक का निर्माण करेंगे। शहीद कर्मबीर अमर रहे के नारों के साथ उनको अंतिम विदाई दी। शहीद कर्मबीर की अंतिम संस्कार में शामिल होने वालों में मुख्य रूप से महम चौबीसी के पूर्व विधायक बाली पहलवान, बादली के पूर्व विधायक नरेश प्रधान, वीरेंद्र डागर अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन दिल्ली प्रदेश, जय प्रकाश बेनीवाल, योगिंद्र शास्त्री मुख्य रूप से शामिल रहे।

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