सत्ता का खेल सब ठेलम ठेल, क्यों की हम फला जाति से हैं भाई

विकास गोस्वामी: जातिगत राजनीती के लिए नेता जी लोग पर इल्जाम कितना जायज है? ये सवाल मैं आप लोगो से इसलिए पूछ रहा हूँ, क्योंकि जब आप लोगो के द्वारा किसी विशेष समुदाय के लोगो का समर्थन करने वाले लोग सत्ता में आजाते हैं लेकिन सत्ता में आने के बाद अपने वादे भूल जाते है तो आप ही लोग उन नेताओ को पानी पी पी के कोसते भी हैं| आज मेरे इस लेख में मेरे सारे इल्जाम किसी नेता के उपर नही है| क्यों की उनको वोट देकर सत्ता में भेजने वाले हम और आप हैं|

देखा जाये तो जातिगत राजनीती का असर पूरब से लेके पश्चिम तक, उत्तर से लेके दक्षिण तक पुरे भारत में है| यही कारण है की अलग अलग पार्टीयों के नेता अपने सुविधानुसार अपने लिए पनाह धुंढ रहे हैं| इसके लिए उनका विशेष ध्यान अपने वोट बैंक की तरफ ही रहता है| और विशेष बात तो ये है की अपने वोट बैंक को साधने के लिए ये राष्ट्र हित को भूलने का कसर और अफ़सोस जरा भी नही करते|

https://www.youtube.com/watch?v=fjQb7kJL8xQ

कोई दलित का मशीहा बन के अपनी मूर्ती बनवाने में व्यस्त तो कोई यादवों के नाम पे सत्ता की रोटी सेक रहा| ठाकुरवाद और ब्राह्मणवाद का मुद्दा तो वैसे बहोत पुराना है| मौजूदा सरकार पर भी वंशवाद के इल्जाम लगते रहे हैं| लेकिन अपने देश में वंशवाद की परिभाषा तय किये बिना इस डिबेट को आगे बढ़ाना मुर्खता ही होगी | एक तरफ वो लोग है जो कहते है की एक ही परिवार के सभी लोगो को टिकेट मिल गया ,वही दूसरी तरफ वो लोग हैं जिनके परिवार में अध्यक्ष, महासचिव, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री से निचे कोई जन्म ही नही लेता है|

https://www.youtube.com/watch?v=fjQb7kJL8xQ

इन तमाम बातों को एक किनारे करते हुए एक बार फिर से मेरा सवाल वही है की-

१.क्या वाकई में जातिगत राजनीती के लिए ये नेता ही जिम्मेदार है?

२.क्या वाकई में जाति और धर्म राष्ट्र से बढ़ के है?

३.क्या किसी एक जाति या समुदाय से ये राष्ट्र विश्व गुरु बन सकता है?

४.क्या जातिगत राजनीती इस देश को गर्त में पहुचाने का कम नही कर रही है?

उपरोक्त सभी सवालों के जवाब आप मुझे नही अपने आप को दीजिये क्यों की सुना है लोग अपने आप से जबरजस्ती और झूठ दोनों नही बोल पाते हैं|

                                                                                        विकास गोस्वामी

                                                                            (एडिटर & एंकर “puridunia.com”) 

https://www.youtube.com/watch?v=fjQb7kJL8xQ

 

 

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