जानिए 23 का तेल 60 का बनाने का पूरा खेल

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नई दिल्ली। अभी कल ही पेट्रोल और डीजल के दामों में क्रमशः 50 पैसे और 46 पैसे की कटौती की गई। वहीं इसके बाद आज खबर आ गई कि सरकार ने पेट्रोल, डीजल की एक्‍साइज ड्यूटी में इजाफा कर दिया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर क्रमशः 30 पैसे और 1.17 पैसे की एक्‍साइज ड्यूटी लगा दी। हालांकि इस एक्‍साइज ड्यूटी का असर आम आदमी पर नहीं पड़ता। लेकिन आखिर यह एक्‍साइज ड्यूटी का खेल है क्‍या? जानते हैं-

क्‍या है एक्‍साइज ड्यूटी?

एक्साइज टैक्स या एक्साइज ड्यूटी एक ऐसा टैक्स है जो देश के अंदर गुड्स के प्रोडक्शन और उसकी बिक्री पर लगता है। अब इस टैक्स को सेन्ट्रल वैल्यू ऐडेड टैक्स (CENVAT) के नाम से जाना जाता है। इसकी सहायता से सरकार के लिए अधिक से अधिक रेवेन्यू जनरेट किया जाता है, ताकि सार्वजनिक सर्विसेस में उसका इस्तेमाल किया जा सके।

कच्चे तेल और उसके उत्पादों की कीमतों के बीच कोई सीधा रिश्ता नहीं है, जबकि उत्पादन लागत में 90 प्रतिशत हिस्सा कच्चे तेल का ही होता है। एक बैरल कच्चे तेल से कई तरह के प्रॉडक्ट्स तैयार होते हैं। प्रॉडक्ट की कीमतें वैश्विक स्तर पर डिमांड और सप्लाइ, करेंसी एक्सचेंज रेट्स और टैक्सेज पर निर्भर करती हैं। सबसे ज्यादा खपत वाले देशों की सरकारों को तेल उत्पादों की स्ट्रैटिजिक प्राइसिंग से आमदनी होती है।

कैसे तय होती है कीमत

15 दिसंबर को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत का आकलन किया जाए तो बीएस 4 के लिए ऑइल मार्केटिंग कंपनियां रिफाइनरीज को प्रति लीटर 23.77 रुपये देती हैं। इसमें डीलर का मार्जिन प्रति लीटर 3.29 रुपये, एक्साइज ड्यूटी प्रति लीटर 19.06 रुपये, अन्य लागत और शुल्क प्रति लीटर 2.26 रुपये, दिल्ली में 25% वैट के लिहाज से प्रति लीटर 12.10 रुपये जुड़ जाते हैं और इस तरह खुदरा विक्रय मूल्य 60.48 रुपये प्रति लीटर हो जाता है। गौरतलब है कि मंगलवार को औसत मुद्रा विनिमय दर 66.21 रुपये प्रति डॉलर रहा।

 

 

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