मंगलेश डबराल के निधन से भारतीय साहित्य को पहुंची बड़ी क्षति: साहित्य अकादमी

डबराल के निधन से भारतीय साहित्य को बड़ी क्षति पहुंची है। साहित्य अकादेमी, मंगलेश डबराल के प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती है और दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करती है।

नई दिल्ली: सहित्य अकादमी ने हिंदी के सुप्रसिद्ध कवि पत्रकार मंगलेश डबराल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और इसे भारतीय साहित्य की क्षति बताया है। 72 वर्षीय डबराल को कोरना के कारण गत दिनों अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया गया था जहां बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।

सहित्य अकादमी के सचिव के० श्रीनिवास राव ने अपने शोक संदेश में कहा कि डबराल एक अच्छे और लोकप्रिय कवि ही नहीं श्रेष्ठ अनुवादक तथा संगीत और सिनेमा के गहरे पारखी थे। उनके किए अनुवादों से हिंदी पाठक कई विदेशी कवियों को पढ़ और समझ पाए। साहित्य अकादमी को उनका सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहा था।

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उन्होंने कहा कि डबराल के निधन से भारतीय साहित्य को बड़ी क्षति पहुंची है। साहित्य अकादेमी, मंगलेश डबराल के प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती है और दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करती है।

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16 मई 1948 को उत्तराखंड के टिहरी जिले के काफलपानी गांव में जन्मे डबराल साहित्य अकेडमी पुरस्कार प्राप्त कवि थे। उनके निधन से सहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गयी है। प्रसिद्ध लेखक अशोक वाजपयी, प्रयाग शुक्ल मैत्रेयी, पुष्पा असग़र वजाहत, पंकज विष्ट, मुरलीमनोहर प्रसाद सिंह असद ज़ैदी विष्णु नागर रामजी राय ने डबराल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

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