उच्च न्यायालय ने ड्रग माफियाओं पर किया कड़ा रुख

इलाहाबाद।   पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चल रही ड्रग आपूर्ति पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रूख अख्तियार किया है। सूबे के मेरठ में शोहदों और ड्रग माफियाओं के स्कूली बच्चों के साथ छेड़छाड़ और शोषण पर पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ याचिका पर प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। मामले को संज्ञान में लेते हुए न्यायालय ने सूबे की सरकार से पूछा है कि  शहर में हो रही घटनाओं पर पुलिस अंकुश क्यों नहीं लगा पा रही है। इसकी मुख्य वजह क्या है।

रसूखदारों की वजह से नही हो सकी कार्रवाई
याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति विक्रमनाथ की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने  श्रीकांत गोयल की याचिका पर दिया है। याचिका दाखिल करते हुए श्रीकांत गोयल  का कहना है कि  स्कूली नाबालिग छात्रा के साथ शोहदों ने गैंगरेप किया, जिसकी मेडिकल थाने में 18 नवंबर 2015 को प्राथमिकी दर्ज कराई गई। मेरठ के अपर जिला के सामने धारा 164 में बयान भी दर्ज हो चुका है। लडक़ी ने पांच दरिंदों के नामों का खुलासा भी किया है।  गांव के  प्रधान के अलावा,सिद्धार्थ गूज्जर, आरिब, साकिब, शुभम का नाम प्राथमिकी में दर्ज होने के बावजूद पुलिस इनकी ऊंची पहुंच के चलते कोई कार्रवाई  नहीं कर रही है।
लड़कियों का हो रहा जमकर शोषण
याची का कहना है कि ड्रग माफिया पूलपार्टी और रेव पार्टी के नाम पर ड्रग का इस्तेमाल कर लड़कियों का शोषण कर रहे हैं। इन घटनाओं का संगठनों द्वारा विरोध भी हो रहा है। मामला संसद में भी उठा, लेकिन पुलिस मंत्री के नजदीकी लोगों की संलिप्तता के कारण कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। कोर्ट ने ड्रग माफियाओं पर अंकुश लगा पाने में विफल रहने की पुलिस कार्यवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button