देश में दस ट्रेनों के माध्यम से बताया जायेगा कारगिल युद्ध का इतिहास

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नई दिल्ली: कारगिल युद्ध के बारे में देश को अब ट्रेनों के माध्यम से बताया जायेगा. कि कैसे बर्फ की पहाडियों में देश के जवानो ने अपने शौर्य और पराक्रम से देश को गौरवान्वित किया. इन सब को बताने के लिए देश में दस ट्रेने ऐसी चलेंगी जो की कारगिल युद्ध की याद दिलाएंगी. ये जानकारी भारतीय रेलवे के एक प्रवक्ता ने  दी है. कि कारगिल दिवस के मौके पर भारतीय रेलवे सोमवार को ऐसी 10 ट्रेनों को रवाना करेगी, जो कि कई शहरों से गुजरेंगी.

रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि करगिल की बर्फीली वादियों में युद्ध और देश के जवानों के सर्वोच्च बलिदान की कहानी को बयां करने वाले विनायल पोस्टर ट्रेनों पर लगाए जाएंगे. इन तस्वीरों में करगिल का पूरा अतीत होगा. 1999 में हुए करगिल युद्ध के 20 साल हो चुके हैं. इस दौरान एक पूरी नई पीढ़ी सामने हो चुकी है. इस पीढ़ी को करगिल युद्ध की जानकारी देने और युवाओं में देशभक्ति का भाव पैदा करने के लिए रेलवे ने ये पहल की है.

पूरी एक पीढ़ी हो गयी है कारगिल को हुए

करगिल युद्ध के 20 साल होने पर इस तरह की पहली ट्रेन सोमवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से रवाना होगी. इस बाबत रेल मंत्री पीयूष गोयल के कार्यालय ने ट्वीट किया, “10 ट्रेनों के जरिए करगिल युद्ध के इतिहास को बताया जाएगा, इसमें ट्रेनों पर शौर्य गाथा की तस्वीरें लगायी जाएंगी. तस्वीरों से यात्रियों को युद्ध के शहीदों के बारे में पता चलेगा.”

इस सिलसिले में जिस पहली ट्रेन को रवाना किया जाएगा वो है दिल्ली से वाराणसी के बीच चलने वाली काशी-विश्वनाथ एक्सप्रेस. इस ट्रेन को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन और रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी हरी झंडी दिखाएंगे. रिपोर्ट के दौरान इस दौरान शहीदों के के कुछ परिवार भी मौजूद रह सकते हैं. जिन दूसरी ट्रेनों में ऐसे पोस्टर लगाए जाएंगे वे हैं ब्रह्मपुत्र मेल, सीमांचल एक्सप्रेस, गोंडवाना एक्सप्रेस और गोवा संपर्क क्रांति एक्सप्रेस. करगिल युद्ध के बारे में देश की मौजूदा पीढ़ी को बताने के लिए केंद्र सरकार ने और कई कार्यक्रम आयोजित कर रही है. इसमें करगिल की उन चोटियों पर फिर चढ़ाई शामिल है, जहां 1999 में पाकिस्तान ने कब्जा कर लिया था.

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