बजट का असर पूरी दुनिया पर दिखेगा,साथ ही बदलेगी अर्थव्यवस्था

मोदी सरकार के इस बजट का असर देश पर ही नहीं विश्व में दिखेगा

नई दिल्ली: इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर टैक्स अब 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है. जिसका फायदा इलेक्ट्रिक कार और ई-बाइक खरीदने वाले लोगों को मिलेगा. लेकिन मोदी सरकार के इस फैसले का फायदा सिर्फ भारतीयों को नहीं मिलेगा, बल्कि पूरी दुनिया पर इसका असर होने वाला है. क्या पेट्रोल और डीजल की कारों का जमाना खत्म होने वाला है? क्या आपकी अगली कार एक इलेक्ट्रिक कार होगी? सरकार तो यही चाहती है, इसलिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को बढ़ावा देने वाली घोषणाएं की हैं.दरअसल, जलवायु परिवर्तन पर हुए पेरिस समझौते में पूरी दुनिया के औसत तापमान को 2 डिग्री सेल्सियस तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है. एक International Energy Agency के अनुसार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए 2040 तक दुनिया को 60 करोड़ इलेक्ट्रिक गाड़ियों की जरूरत होगी और इन गाड़ियों का एक बहुत बड़ा हिस्सा भारत में मौजूद होगा. तेल की खपत के मामले में भारत, दुनिया में तीसरे नंबर पर है. ऐसे में अगर भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का जमाना आता है तो दुनिया की इकोनॉमी बदल जाएगी.

वैसे इलेक्ट्रिक कार, आपके घर की अर्थव्यवस्था को भी बदल सकती है. मान लीजिए कि आप पेट्रोल से चलने वाली कार का इस्तेमाल करते हैं. आपकी कार का Average 15 किलोमीटर प्रति लीटर है और आप हर रोज 50 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं तो आप एक साल में करीब 84 हजार 350 रुपए का पेट्रोल खर्च कर देंगे.लेकिन अगर आपके पास इलेक्ट्रिक कार हो तो आप एक साल में करीब 1825 यूनिट बिजली खर्च करेंगे और 5 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से इसका कुल खर्च होगा 9 हजार 125 रुपये. यानी पेट्रोल की कार पर साढ़े चार रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च आएगा जबकि इलेक्ट्रिक कार का खर्च 50 पैसे प्रति किलोमीटर होगा. इस तरह एक साल में आप कम से कम 70 हजार रुपये की बचत कर सकते हैं. ये पूरा हिसाब पेट्रोल से चलने वाली एक छोटी कार के खर्च पर आधारित है. अगर आप SUV चलाते हैं या कोई और बड़ी कार चलाते हैं तो फिर आपकी बचत और ज्यादा होगी. यानी जल्द ही आपको ई-कार मार्केट में कई विकल्प मिलने लगेंगे. अभी तो आपकी सैलरी का एक बड़ा हिस्सा पेट्रोल और डीजल खरीदने में खर्च हो जाता होगा. लेकिन अगले कुछ सालों में ये कीमती तेल किसी काम का नहीं रह जाएगा क्योंकि पेट्रोल की कीमत धीरे-धीरे मिट्टी में मिलने वाली है.

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