फर्म काे आइएसओ कराएं कारोबारी, उद्योग विभाग देगा खर्च पर सब्सिडी

अलीगढ़: अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन अनेक तकनीकी और गैर तकनीकी क्षेत्रों के मानकीकरण से संबंधित है। यह एक गैर सरकारी संगठन है जो विश्व विभिन्न देशों में वस्तुओं एवं सेवाओं की गुणवत्ता के लिए मापदंड निर्धारित करती है। आइएसओ ने लगभग 22,041 अंतरराष्ट्रीय मानक जारी किए गए हैं। ताला-हार्डवेयर को वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के तहत ताला-हार्डवेयर को परंपरागत उद्योग में शुमार किया गया है। इसे विकसित करने के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है।

प्रोडक्ट की क्वालिटी व कंपनी या उत्पादन यूनिट के स्टैंडर्ड पर भी जोर दिया गया है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (आइएसओ) की ओर युवाओं का रुझान बढ़ा है। अबतक महानगर में करीब 350 उत्पादन यूनिटों ने आइएसओ मानक कराया है। इस पर आने वाले खर्च पर सरकार सब्सिडी देगी। ताला-हार्डवेयर, आर्टवेयर व बिजली फिटिंग उत्पादन की गुणवत्ता के साथ निर्माता पैकेजिंग पर भी जोर दे रहे हैं। तकनीक उन्नयन योजना से कंपनियों को अपग्रेड किया जा रहा है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (एमएसएमई)  यूनिटों के अपग्रेडेशन पर जोर है। उपायुक्त श्रीनाथ पासवान का कहना है कि जो कंपनी आइएसओ पहली बार करा रही है, उसे कंसल्टेंसी सहायता के लिए सरकार सब्सिडी देती है। यह अधिकतम एक लाख हो सकती है।सामान्यरूप से वो कंपनियां जो अपना उत्पाद मार्केट में बेचती हैं, उनके लिए आइएसओ सर्टिफाइड होना जरूरी है।

आइएसओ मानक के उत्पादन की ओर बढ़ते रुझान का कारण जैम पोर्टल पर इसकी अनिवार्यता भी है। बिना आइएसओ के जैम पोर्टल पर सरकारी खरीद नहीं हो सकती। ताला-हार्डवेयर व बिजली फिटिंग उत्पादन की खरीद राज्य निर्माण निगम, केंद्रीय निर्माण निगम, पीडब्ल्यूडी व नगरपालिका, नगर पंचायत व नगर निगम भी खरीद करते हैं।

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