बढ़ रहा है पीएम मोदी की हत्या की साजिश का मामला, उठे कई बड़े सवाल

नई दिल्ली। पीएम की हत्या की साजिश के खुलासे के बाद राजनीति हलचल मच गई है। कहा जा रहा है पीएम मोदी की देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तरह ही हत्या करने की माओवादियों द्वारा साजिश रची जा रही है, लेकिन इन दस्तावेज़ो के बाद जहां एक तरफ पार्टी के लोग चिंता जता रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे बीजेपी की रणनीति बता रही है। विपक्ष के मुताबिक बीजेपी के गिरते ग्राफ के लेवल को बढ़ाने के लिए यह अफवाह उड़ाई गई है।

साथ ही विपक्ष का कहना है कि इन दस्तावेजों की पूणर्तया जांच हो, जिसमें इस खत में लिखी गई बातों की पुष्टि हो सके। विपक्ष ने बीजपी पर निशाना साधते हुए कुछ बड़े सवाल भी उठाए हैंं। उनके मुताबिक कहीं आगामी चुनाव में जीत हासिल करने की कोई नई रणनीति तो नहीं? या फिर लोगों का ध्यान अपनी तरफ और ज्यादा खींचने के लिए भी यह हथकंडे अपनाए जा सकते हैं।

साथ ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने चिंता जताई है और कहा है कि काफी भयावह प्रवृत्ति है, इस पर सभी राजनीतिक दलों को सोचना चाहिए और प्रतिक्रिया देनी चाहिए। माओवादी न केवल सरकार बल्कि संवैधानिक व्यवस्था तोड़ने में विश्वास करते हैं। वे किसी भी तरह के कानून में विश्वास नहीं रखते।

बेकसूर आदिवासी और जो अन्याय झेल रहे हैं। जिन्हें गुमराह किया गया है कि माओवादी ही उन्हें राहत दिला सकते हैं। हमें इस समुदाय को संबोधित करने की गंभीरता से आवश्यकता है। चौथा, जिसे मैं हमेशा “half Maoist” कहता हूं। ये लोग लोकतंत्र का हिस्सा हैं। ये लोग लोकतंत्र की भाषा बोलते हैं।

वित्त मंत्री ने आगे लिखा कि दुर्भाग्य से कुछ राजनीतिक दल एनडीए के खिलाफ माओवादियों को अपने हथियार के रूप में देखते हैं। आतंकवाद और अतिवाद का इतिहास हमें एक मूल तथ्य सिखाता है। कभी बाघ की सवारी न करें, आप इसका पहला शिकार हो सकते हैं।

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