पवार ने प्याज की नीति को लेकर केंद्र की निंदा की, कहा प्याज का मुद्दा केंद्र और राज्य सरकार का नहीं

राकांपा प्रमुख ने प्याज के परिवहन पर लगाए गए 25 टन के कैप पर भी नाराजगी व्यक्त की।

नासिक: पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार ने प्याज के आयात-निर्यात की नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और निंदा करते हुए कहा कि सरकार की विरोधाभाशी नीति के कारण प्याज का स्वाद कड़वा हो गया है।

प्याज पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की मांग

पवार ने यहां के भुजबल नॉलेज सिटी में बुधवार को प्याज उत्पादकों तथा व्यापारियों से मुलाकात के दौरान यह बातें कही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के प्याज के निर्यात को रोकने तथा आयात की अनुमति देने वाले विरोधाभाशी फैसले के कारण प्याज उत्पादक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्याज को आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटा चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्र को प्याज के बारे में फिर से हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने प्याज पर लगे प्रतिबंधों को जल्द से जल्द हटाने की मांग की।

प्याज का मुद्दा केंद्र और राज्य सरकार का नहीं

उन्होंने कहा कि प्याज का मुद्दा केंद्र और राज्य सरकार का नहीं है। उन्होंने कहा कि वह प्याज के मुद्दे को केंद्र के संबंधित विभाग के प्रमुखों के समक्ष उठायेंगे।उन्होंने व्यापारियों को प्याज बाजारों को फिर से शुरू करने की सलाह दी और कहा उनकी परेशानियों को दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं।
राकांपा प्रमुख ने प्याज के परिवहन पर लगाए गए 25 टन के कैप पर भी नाराजगी व्यक्त की।

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