लखनऊ से कानपुर का सफर 40 म‍िनट में होगा पूरा, 160 किमी की रफ़्तार में दौरेगी ट्रेन

लखनऊ: राजधानी लखनऊ को भी दिल्ली से हावड़ा तक हाईस्पीड रेल नेटवर्क से जोडऩे की तैयारी शुरू हो गई है। रेल मंत्रालय के एक्शन प्लान-100 में लखनऊ से कानपुर के बीच हाईस्पीड ट्रैक बिछाने का जो प्रस्ताव बनाया था, जिसकी फिजिबिलिटी जांच पूरी हो गई है। लखनऊ से कानपुर रूट पर मेल, एक्सप्रेस, पैसेंजर और मेमू को मिलाकर 92 ट्रेनें दौड़ती हैं। रोजाना औसतन 64 ट्रेनों का संचालन होता है। लखनऊ कानपुर के बीच सुपरफास्ट ट्रेनों की औसत गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा ही है। सबसे कम 1:10 घंटा तेजस और 1:13 घंटा शताब्दी एक्सप्रेस ही लेती है।

इसी साल अगस्त में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने एक्शन प्लान-100 बनाया था, जिसके तहत दिल्ली-हावड़ा सहित देश के चुनिंदा रूटों को 160 किमी प्रति घंटे की ट्रेनों की स्पीड के लिए हाईस्पीड ट्रैक बनाने का प्रावधान किया गया। सीआरबी ने कानपुर से लखनऊ का हिस्सा भी एक्शन प्लान में शामिल किया। रेलवे ने प्रारंभिक रिपोर्ट रेल मंत्रालय को बजट के लिए भेज दी है। हाई स्पीड ट्रैक तैयार करने पर कुल 1300 करोड़ रुपये की लागत आएगी। लखनऊ से कानपुर तक की 74 किमी. के हाईस्पीड ट्रैक के दोनों ओर फेंसिंग की जाएगी। इसकी जगह 40 पुल बनाए जाएंगे, जिसमें करीब 27 सीमित ऊंचाई वाले अंडरपास होंगे।

रेल मंत्रालय के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को बजट आवंटन का 1300 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक फरवरी में पेश होने वाले आम बजट के दौरान पिंक बुक में इस प्रोजेक्ट को शामिल किया जा सकता है। रेलवे करीब 350 करोड़ रुपये अंडरपास व ओवरब्रिज बनाने पर खर्च करेगा, जबकि शेष एक हजार करोड़ से एडवांस सिग्नल सिस्टम लगेंगे। साथ ही 60 किलोग्राम भार वाली रेल लाइन का इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रैक हाईस्पीड होने पर ट्रेनें 40 मिनट में कानपुर पहुंचेंगी।

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