73 साल बाद जवान को दी गई अंतिम विदाई, सैन्य सम्मान से दफनाया गया पायलट का अवशेष

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वीर सिपाहियों का अंतिम सम्मान करना किसी भी देश की सेना के गौरण क्षणों में से एक माना जाता है। लेकिन कभी-कभी जब शहीद जवान के शव का पता नहीं चल पाता तो सेना उन जवानों को अंतिम विदाई नहीं दे पाती है। लेकिन सेना अपना दायित्व नहीं भूलती है, इसका एक उदाहरण यूएस के राज्य नेब्रास्का में देखने को मिला। जहां द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मारे गए एक पायलट के अवशेष को 73 वर्षों बाद उनके गृह राज्य नेब्रास्का में सैन्य सम्मान के साथ दफनाया गया।

दरअसल, फ्लाइट ऑफिसर रिचर्ड लेन वर्ष 1944 में युद्ध के दौरान मारे गए थे। उनके परिवार का मानना था कि उनका शव दक्षिण पूर्वी नेब्रास्का के फिली में दफन है और वे ‘मेमॉरियल डे’ पर वहां जाते थे। लेकिन हाल ही में पता चला कि लेन के नाम से दफन अवशेष उनके नहीं हैं। सेना की ओर से गलत अवशेष नेब्रास्का भेज दिए गए थे।

दरअसल, पहले लेन के शव को बेल्जियम स्थित सैन्य कब्रिस्तान में दफनाया गया था। इडाहो में एक परिवार को दोनों सैनिकों के शवों के बदल जाने का पता चला तो इसकी जानकारी लेन के परिवार को हुई। इसके बाद लेन के परिवार ने गुरुवार को दोबारा अंतिम संस्कार करते हुए अवशेषों को बियैट्रिस में दफनाया।

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