एयरलाइन की भूल बन सकती थी किसी की मौत का कारण

नई दिल्‍ली: यदि आपको एक बड़े से हवाई जहाज में अकेला छोड़ दिया जाये तो क्या करेंगे आप? और इसके साथ ही प्लेन बंद हो और सभी यात्री जा चुके हो अन्दर अँधेरा हो तो आपकी हालत क्‍या होगी? ये कोई कहानी नहीं बल्‍कि एयर कनाडा फ्लाइट से टोरंटो जा रही महिला टिफिनी एडम्‍स के साथ ऐसा वाकया सच में हुआ है. फ्लाइट के दौरान टिफिनी को नींद आ गयी और वह सो गईं जब कई घंटों बाद उठीं तो पूरा प्‍लेन खाली था और चारों ओर अंधेरा था. यही नहीं प्‍लेन टोरंटो इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पार्किंग में खड़ा था.

महिला ने सोशल मीडिया पर आपबीती बताते हुए लिखा है, “मैं लगभग आधी रात को उठी (फ्लाइट लैंड होने के कुछ घंटों बाद ), अंदर भयानक ठंड थी और मैं घनघोर अंधेरे में अभी भी अपनी सीट पर ही फंसी हुई थी. मैं बता नहीं सकती कि वो पल कितना भयानक था. मुझे लगा कि मैं कोई बुरा सपना देख रही हूं क्‍योंकि मैं यह समझ नहीं पा रही थी कि ऐसा कैसे हो रहा है.”

यही नहीं महिला के फोन की बैटरी चार्ज नहीं थी और वह मदद के लिए कॉल भी नहीं कर सकती थी. किस्‍मत से महिला को कॉकपिट में टॉर्च मिल गयी जिसकी मदद से वह किसी तरह प्‍लेन के मुख्‍य दरवाजे तक पहुंच पाई. “दरवाजा खोलने के बाद महिला ने देखा कि वह जमीन से से 50 फीट ऊपर है और उसे अब तक यह समझ आ गया था कि वो कूद नहीं सकती. अब उसके पास कोई दूसरा विकल्‍प नहीं बचा था. ऐसे में वह दरवाजे पर बैठी गई और टॉर्च की मदद से अपनी मौजूदगी का सिग्‍नल देती रही. फिर कुछ देर बाद एक एयरपोर्ट कर्मचारी की नजर उस पर पड़ी और फिर उन्‍हें सुरक्षित वापस लाया गया. एयर कनाडा ने घटना के लिए महिला से माफी मांगी है. हालांकि महिला का कहना है कि घटना के बाद से वह सदमे में है और ठीक से सो नहीं पा रही है.

 

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