मुहर्रम के चांद का नहीं हुआ दीदार, मरकजी चांद कमेटी के इमाम ने किया बड़ा ऐलान

लखनऊ: राजधानी लखनऊ (Lucknow) में मुहर्रम (Muharram) का चांद नहीं दिखाई दिया है। मरकजी चांद कमेटी के इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी है कि मुहर्रम का चांद दिखाई नहीं दिया है और अब मंगलवार की चांद रात से घरों में ताजिया रखने के लिए खरीदारी शुरू कर सकते है। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने पहली मुहर्रम (Muharram) बुधवार से होने का एलान किया।

काजी-ए-शहर मौलाना अबुल इरफान मिया फरंगी महली ने भी मुहर्रम का चांद न दिखाई देने की बात कही है। शिया मरकजी चांद कमेटी के अध्यक्ष मो.सैयद सैफ अब्बास ने भी बताया है कि सोमवार को चांद नहीं दिखाई दिया है तो अब 11 अगस्त को पहली मुहर्रम होगी।

शहीदों का गम मनाने के लिए

मौलाना ने जानकारी देते हुए बताया है कि हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम सहित कर्बला के 72 शहीदों की शहादत के गम में शियों की आंखों से जार-ओ-कतार आंसू जारी होंगे। मंगलवार से लखनऊ के पुराने शहर के शिया बाहुलय क्षेत्रों में या हुसैन… या हुसैन… की सदाएं गूंजने लगी हैं। शिया कर्बला के शहीदों का गम मनाने के लिए काले कपड़े पहनेंगे, इनके अलावा महिलाएं भी जेवर व चूड़ियां उतार कर काले लिबास पहनेंगी।

नियमो का करना होगा पालन

शिया धर्मगुरु व इमाम-ए-जुमा मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने कहा है कि सभी को कोरोना संक्रमण की गाइड लाइन का पालन करना होगा, मुहर्रम में उचित दूरी बनाकर एकत्र न होने की गुजारिश की है। मजलिसों में एक समय मे 50 लोग ही सम्मलित हों। मुहर्रम पर निकलने वाले मरकज़ी जुलूस नहीं निकाले जाएंगे। दसवीं मुहर्रम को ताज़ियों को दफन करने के लिए केवल एक दो लोग ही जाएंगे।

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