‘नए आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत’ की संसद का नया भवन पूरे विश्व को लोकतांत्रिक मूल्यों का आदर्श संदेश देगा: ओम बिड़ला

बिड़ला ने कहा कि लोकतंत्र की 70 वर्षों की यात्रा में भारत के नागरिक, न्याय, स्वतंत्रता, पंथ निरपेक्षता, समता, एकता, अखण्डता और बंधुत्व की भावना के प्रति संकल्पित रहे हैं।

नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने आज कहा कि ‘नए आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत’ की संसद का नया भवन पूरे विश्व को अनादि काल तक संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक मूल्यों का आदर्श संदेश देता रहेगा।

बिड़ला ने संसद भवन परिसर के पार्किंग क्षेत्र में बनने वाले संसद के नये त्रिभुजाकार भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन एवं शिलान्यास के बाद समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

नए भारत में नए विकास के आयाम

ओम बिड़ला ने कहा कि हमारे देश का लोकतंत्र परिपक्व हो चुका है। लोकतंत्र के बढ़ते स्वरूप ने संसद और सांसदों का उत्तरदायित्व बढ़ाया है। हम आजादी के 75 वर्ष पूर्ण करने जा रहे हैं। नए भारत में विकास के नए आयाम भी हमने तय किए हैं।

भविष्य में हमारे संवैधानिक दायित्वों को पूरा करने के लिए भवन में विस्तार की संभावना नहीं है। ऐसे में एक नए संसद भवन की आवश्यकता है। देश की जनता का भी सपना है कि उन्हें संसद का एक नया और आधुनिक भवन मिले।

दोनों सदनों के सदस्य चाहते थे नया संसद भवन: बिड़ला

दोनों सदनों के सदस्यों की यह इच्छा थी कि विश्व के सबसे बड़े कार्यशील एवं जीवंत लोकतंत्र के लिए नए संसद भवन का निर्माण हो जो देश की सांस्कृतिक विविधता समेटते हुए भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा कर सके।

बिड़ला ने कहा कि लोकतंत्र की 70 वर्षों की यात्रा में भारत के नागरिक, न्याय, स्वतंत्रता, पंथ निरपेक्षता, समता, एकता, अखण्डता और बंधुत्व की भावना के प्रति संकल्पित रहे हैं। हमारे वर्तमान संसद भवन का निर्माण 1927 में केंद्रीय लेजिस्लेटिव एसेंबली के रूप में हुआ जिसे अब 93 वर्ष हो चुके हैं।

संसद विश्वास और आकांक्षाओं का प्रतीक

बिड़ला ने कहा हमारी संसद लोगों के विश्वास और आकांक्षाओं का प्रतीक है। संसद भवन देश की आजादी, संविधान की रचना और अनेक ऐतिहासिक कानूनों के निर्माण का साक्षी भी रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साल 5 अगस्त को संसद के दोनों सदनों ने प्रधानमंत्री मोदी से संसद के नए भवन के निर्माण के लिए आग्रह किया था।

सांसदों एव सदन की भावनाओं को देखते हुए प्रधानमंत्री ने नए संसद भवन के निर्माण की स्वीकृति दी और आज वह शुभ दिन आया है जब उनके हाथों से नए संसद भवन का भूमिपूजन और शिलान्यास हो रहा है।

नया संसद भवन होगा देशवासियों की प्रेरणा का प्रतीक

उन्होंने कहा कि संसद का नया भवन देश के सभी प्रांतों की उत्कृष्ट कला, संस्कृति और विविधताओं से परिपूर्ण होगा और सभी देशवासियों की प्रेरणा का केंद्र होगा।

उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडु और प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज ‘नए आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत’ की संसद के नए भवन की नींव रखी गयी है।

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