भारत-पाक राजनयिक विवाद में आया नया मोड़, 1992 कोड ऑफ कंडक्ट के तहत निकाला जाएगा हल

नई दिल्ली। पिछले दिनों भारत-पाक राजनयिक विवाद छिड़ गया था। जिसके तहत दोनों देशों ने एक-दूसरे पर अपने-अपने राजनयिकों का उत्पीड़न करने के आरोप लगाए थे। अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मुद्दे पर दोनों देश बातचीत के जरिए हल निकालने को तैयार हो गए हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि इस मामले का हल 1992 के कोड ऑफ कंडक्ट के तहत निकाला जाएगा। जिस पर पाकिस्तान विदेश कार्यालय प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने भी अपनी सहमति बनाई है।

जानिए क्या कहता है 1992 के कोड ऑफ कंडक्ट
1992 के कोड ऑफ कंडक्ट के तहत यह कोड राजदूतों के विशेषाधिकारों और उन्मुक्ति का उल्लंघन किए बिना अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप दोनों देशों के राजनयिक और कांउसिंल अधिकारियों को शांति और बिना बाधा के काम करने का अवसर प्रदान करता है। कोड यह भी कहता है कि दोनों देशों को दखलंदाजी और आक्रामक निगरानी के अलावा मौखिक और शारीरिक उत्पीड़न समेत फोन लाइनों को काटना आदि नहीं करना चाहिए।

इससे पहले भारत ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त को वापस बुलाए जाने की घटना को समान्य करार दिया था और कहा था कि ऐसा सभी देश करते हैं। भारत ने भी पाकिस्तान पर अपने राजनयिकों को इस्लामाबाद में परेशान करने का आरोप लगाया था। लेकिन भारत ने कहा था कि वो इस संबंध में पाकिस्तान सरकार से राजनयिक माध्यमों से बात कर रहा है।

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