UN के राजदूत की हत्या की साजिश म्यांमार की खूनी परंपरा की गवाही है!

नैप्यीटाव : म्यांमार में UN के राजदूत यू क्याव मो तुन को मारने की साजिश अगस्त के पहले हफ्ते में उजागर हुई थी जिसमें एफबीआई ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। इस कड़ी में म्यांमार के लोगों के मुताबिक इस साजिश के पीछे सैन्य शासन था। हालाँकि मिलिट्री ने इस साज़िश में शामिल होंने से इंकार किया।

UN राजदूत को बदलने में नाकाम होने पर उठाया यह कदम

इस कड़ी में आप की जानकारी के लिए बता दें की दुर्भाग्य से, यह परंपरा म्यांमार के स्वतंत्रता नायक जनरल आंग सान और उनके सहयोगियों की 1947 में एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी द्वारा, म्यांमार को औपनिवेशिक शासन से मुक्त करने से एक साल पहले हत्या के साथ शुरू हुई थी। 1962 में सैन्य तख्तापलट के बाद कई और हत्याएँ हुईं और यह प्रथा म्यांमार में आज भी फल-फूल रही है।

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इस कड़ी में यू क्याव मो तुन ने कहा कि एफबीआई और न्यूयॉर्क पुलिस फिलहाल उन्हें सुरक्षा मुहैया करा रही है। उन्होंने तख्तापलट के बाद फरवरी में संयुक्त राष्ट्र की बैठक के दौरान म्यांमार में सैन्य शासन का सार्वजनिक रूप से विरोध किया। तब से शासन राजदूत को बदलने की कोशिश कर रहा था।

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