जहरीली शराब अभी तक रुकने का नाम ही नही ले रही ऋषिकेश में एक कि मौत 

0

उत्तराखंड: में जहरीली शराब गम और मातम थमने का नाम ही नहीं ले रही है। वही मंगलवार को एम्स ऋषिकेश में भर्ती एक मरीज की मौत हो गई| और रुड़की सिविल अस्पताल में एक और मरीज भर्ती हुआ। अब तक मरने वालों की संख्या 36 तक पहुंच गई है।मरीज का नाम चौपाल पुत्र मेघवाल निवासी मानकपुर आदमपुर थाना झबरेड़ा है। हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने मरीज को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।

वहीं जहरीली शराब के चलते एम्स ऋषिकेश में भर्ती सेठपाल पुत्र छोटा निवासी बिंदु खड़क 55 वर्ष की मंगलवार को मौत हो गई है।वहीं पुलिस ने जहरीली शराब के मामले में एक दवा सप्लाई करने वाले कारोबारी के गोदाम पर छापा मारकर आइसो प्रोफाइल अल्कोहल भी बरामद किया है। यह केमिकल 10 दिन पहले इसी गोदाम से किसी फर्म के नाम भेजा गया था। इस संबंध में पुलिस ने गोदाम स्वामी को भी हिरासत में लिया है। बताया गया है कि यह केमिकल मेडिसिन के बनाने में काम आता है। अभी तक पुलिस ने गोदाम की डीबीआर को भी कब्जे में ले लिया है। गोदाम को फिलहाल सीज कर दिया है।सोमवार को चौथे दिन भी गांव में एक शव पहुंचा तो विधवा हुई महिला के विलाप से पूरा गांव सिहर उठा। वहीं, सोमवार को सिविल अस्पताल रुड़की में जहरीली शराब से बीमार चार नए लोग भर्ती हुए, जिनकी हालत गंभीर देख उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। वहीं आबकारी विभाग की टीम ने सोमवार को भी बाल्लुपुर और आसपास के कई गांवों में छापेमारी कर अवैध शराब पकड़ी।

जहरीली शराब पीने के कारण बिंडुखड़क निवासी सुशील (38) पुत्र हरचंद की रविवार रात मौत हो गई थी। सोमवार दोपहर बाद एंबुलेंस से शव गांव पहुंचा। एक घंटे के भीतर ही पूरा गांव अंतिम संस्कार में जुट गया। जैसे ही ग्रामीण शव को लेकर श्मशान घाट की ओर बढ़े तो पत्नी पीछे-पीछे विलाप करती हुई दौड़ पड़ी। वहीं, ग्रामीण अस्पताल में भर्ती लोगों को लेकर चिंतित थे।ग्रामीण विनोद कुमार और चंद्रपाल ने बताया कि हरिद्वार मेट्रो अस्पताल में भर्ती पिंटू, विकास और एम्स में भर्ती संजय की हालत गंभीर है। इसके अलावा सिविल अस्पताल में सोमवार को चार लोग भर्ती हुए थे, जिन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।

इनमें बालेंद्र पुत्र तेलूराम, सुक्खा पुत्र रमसा दोनों निवासी मानकपुर आदमपुर झबरेड़ा, सोनू पुत्र प्रमोद और सुंदर पुत्र धीर सिंह निवासी जहाजगढ़ थाना भगवानपुर शामिल हैं। बिंडुखड़क गांव में रास्ते और कच्चे मकानों की दीवारों में ठूंसी जहरीली शराब की खाली पन्निया अब भी नजर आ रही हैं। जिस हिसाब से घरों के बाहर रास्तों में शराब की खाली पन्नियां पड़ी थीं, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां कितनी शराब आती रही होगी। बिंडुखड़क गांव में हर तीसरे घर में सांत्वना देने वालों और रिश्तेदारों की भीड़ दिखाई दे रही है। घरों के बाहर खाट लगाकर उदास बैठे लोग जिला प्रशासन, आबकारी विभाग और झबरेड़ा पुलिस को कोस रहे हैं। किसी ने दामाद खोया तो किसी ने भाई। हर कोई इस घटना स्तब्ध है। भविष्य में ऐसी घटना न घटे, इसके लिए प्रशासन को ठोस उपाय करने की बात कर रहे हैं।

loading...
शेयर करें