BPCL को बेचने की प्रक्रिया हुई शुरू, सरकार ने आमंत्रित की बोली, बेचेगी अपनी पूरी हिस्सेदारी

देश की बड़ी पेट्रोलियम कंपनी बीपीसीएल को बेचने की प्रक्रिया को जल्द ही पूरा किया जा सकता है. सरकार की ओर से BPCL की बिक्री के लिए बोलियां आमंत्रित की गई हैं. सरकार कंपनी में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचना चाहती है. मौजूदा समय में सरकार की कंपनी 52.98 फीसदी हिस्सेदारी है. सरकार की ओर से बिड डॉक्यूमेंट जारी कर दिए गए हैं.
BPCL के पास है इतनी एसेट
BPCL के पास 15,177 पेट्रोल पंप और 6,011 LPG डिस्ट्रीब्यूशन एजेंसियां हैं. साथ ही इसके पास 51 पेट्रोलियम गैस (LPG) बॉटलिंग प्लांट भी हैं. 20 नवंबर, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बीपीसीएल के निजीकरण का फैसला किया था. इसके तहत बीपीसीएल में सरकार अपनी पूरी 52.98 फीसदी हिस्सेदारी और मैनेजमेंट कंट्रोल बेचना चाहती है.
दो मई को एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट मांगा क्या था

डीआईपीएएम ने बोली दस्तावेज में कहा कि बीपीसीएल की स्ट्रैटेजिक बिक्री के लिए दो मई को एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट मांगा गया था. इसमें कहा गया, भारत सरकार बीपीसीएल में अपने 114.91 करोड़ इक्विटी शेयर यानी BPCL की इक्विटी शेयर पूंजी में से कुल 52.98 प्रतिशत साझेदारी के स्ट्रैटेजिक निवेश के साथ ही प्रंबधन नियंत्रण को रणनीतिक खरीदार का प्रस्ताव दे रही है. सरकार ने रणनीतिक विनिवेश प्रक्रिया के प्रबंधन और इस विषय पर सलाह देने के लिए डेलोइट टोशे टोमात्सु इंडिया एलएलपी को अपने सलाहकार के रूप में अनुबंधित किया है.

सरकार को BPCL बेचकर मिल सकते हैं 54 हजार करोड़ रुपये- बीपीसीएल का मार्केट कैपिटलाइजेशन इस समय 1.03 लाख करोड़ रुपए के करीब है. इस प्राइस के आधार पर सरकार की हिस्सेदारी 54 हजार करोड़ रुपए के करीब है यानी बीपीसीएल में हिस्सेदारी की बिक्री से सरकार को 54 हजार करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है.

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