बिहार में माध्यमिक स्तर से ही व्यावसायिक शिक्षा का प्रावधान लागू

बिहार के शिक्षा मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत राज्य में माध्यमिक स्तर से ही व्यावसायिक शिक्षा का प्रावधान लागू करने का बुधवार को निर्देश दिया।

पटना: बिहार के शिक्षा मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत राज्य में माध्यमिक स्तर से ही व्यावसायिक शिक्षा का प्रावधान लागू करने का बुधवार को निर्देश दिया।
डॉ. चौधरी ने बुधवार को यहां स्कूली शिक्षा पर विभाग की प्रस्तुति के बाद निर्देश देते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा विभाग आवश्यक तैयारी शुरू करे।

माध्यमिक शिक्षा स्तर से व्यावसायिक शिक्षा प्रारंभ करने के प्रावधान को लागू करने की पहल की जाय। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में अपेक्षा की गई है कि शिक्षा का बजट सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का छह प्रतिशत होना चाहिए। वर्तमान में बिहार में शिक्षा विभाग का बजट राज्य की जीडीपी का छह प्रतिशत है।

मंत्री ने बजटीय प्रबंध को दुरुस्त करते हुए राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश देते हुए कहा कि कोविड-19 संक्रमण के मद्देनजर दूरदर्शन एवं विभिन्न मोबाइल ऐप के माध्यम से बच्चो को पढ़ाई से जोड़े रखने की पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष होने वाली वार्षिक माध्यमिक परीक्षा में छात्र-छात्राओं के लिए क्रैश कोर्स के संचालन के विकल्प पर विचार किये जाने की जरूरत है।

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डॉ. चौधरी ने सिमुलतला ने कहा

डॉ. चौधरी ने सिमुलतला आवासीय विद्यालय, जमुई के प्रबंधन को बेहतर करने के उद्देश्य से अवाश्यक सेवाशर्त नियमावली का गठन शीघ्र करने का निर्देश देते हुए कहा कि बिहार निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम 2019 के आलोक में नियमावली का गठन शीघ्र कर उसका प्रचार- प्रसार किया जाय। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की सभी गतिविधियों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए विभाग के पोर्टल को विकसित किया जाय।

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शिक्षा विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे

इस मौके पर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार, विशेष सचिव सतीशचंद्र झा, अपर सचिव गिरिवर दयाल सिंह, प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ. रंजीत कुमार, निदेशक (प्रशासन) सुशील कुमार, जन शिक्षा निदेशक कुमार रामानुज, शोध एवं प्रशिक्षण निदेशक डॉ. विवेकानंद झा समेत संबंधित निदेशालयों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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