हिजबुल मुजाहिदीन का उद्देश्य अलकायदा की तरह इस्लामी नहीं, बल्कि ‘राजनैतिक’ है

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दी के इरादों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हिजबुल मुजाहिदीन का उद्देश्य अलकायदा की तरह इस्लामी नहीं, बल्कि ‘राजनैतिक’ है। अबदुल्ला ने नई दिल्ली में कश्मीर पर आयोजित एक सम्मेलन में कहा, उनका उद्देश्य राजनैतिक है।

उमर अब्दुल्ला

जाकिर मूसा के अलकायदा वाले लक्ष्य की तरह नहीं है

उनका लक्ष्य कश्मीर को भारत के नक्शे से मिटाना है, जाकिर मूसा के अलकायदा वाले लक्ष्य की तरह नहीं है। उमर, मूसा के बारे में एक प्रश्न का जवाब दे रहे थे। पूर्व हिजबुल आतंकवादी मूसा को अलकायदा की जम्मू एवं कश्मीर शाखा का प्रमुख घोषित किया गया है।

मूसा ने कहा है कि कश्मीर में अलगाववादी लड़ाई राष्ट्रीयता की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह राज्य में सख्त इस्लामिक संहिता की स्थापना के लिए जिहाद है। अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर में हर बंदूकधारी को मूसा मान लेने से भारत सरकार को कश्मीर से आसानी से छुटकारा मिल जाएगा।

बिहार की राजनीति पर भी अब्दुल्ला ने दिया बयान

अब्दुल्ला ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफा देने के मामले में प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने बहुत ही शानदार खेल खेला है और इससे पता चलता है कि राजनीति में कोई भी स्थायी शत्रु या मित्र नहीं है बल्कि अवसरों का मिलन है।

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