बच्चा चोरी की अफवाह ने ली एक और जान, भीड़ ने महिला को बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला

भोपाल: देश में मॉब लिंचिंग की घटना लगातार बढती जा रही हैं. ताजा मामला मध्य प्रदेश के छतरपुर का है. जहाँ बच्चा चोरी के आरोप में भीड़ फिर आक्रोशित हो गई. और एक अफ़वाह पर भीड़ ने एक महिला की पीट-पीटकर हत्या कर दी. बता दें कि सोशल मीडिया में बच्चा चोरी और अंग माफिया की फैलती अफवाहों के प्रति जागरूक करने की मुहिम में एमपी पुलिस सिंगरौली और बालाघाट जिले में लिंचिंग के चार मामलों को विफल कर चुकी है. यहां तक कि मोरवा में ही बीते 29 जून को एक महिला रेंज ऑफिसर और एक फॉरेस्ट गार्ड को बच्चा चोरी का इल्जाम लगाकर भीड़ ने बुरी तरह पीट दिया था. पुलिस ने ऐन मौके पर पहुंचकर जानलेवा भीड़ से दोनों को बचा लिया.

वाट्सऐप पर सर्कुलेट हुआ था मैसेज

गौरतलब है की, शनिवार को वाट्सऐप पर इस महिला को बच्चा चोर बताता हुआ मैसेज सर्कुलेट हुआ, जिसके बाद भीड़ ने महिला की जान ले ली. पुलिस के मुताबिक, महिला की मानसिक हालत ठीक नहीं थी और वो इस इलाक़े में पिछले छह महीने से इधर-उधर घूमती रहती थी. पुलिस ने इस मामले में 14 आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है. अभी कुछ दिन पहले वाट्सऐप पर बच्चा चोरी अफवाह के बाद महाराष्‍ट्र के धुले में भीड़ ने 5 लोगों की पीट-पीटकर हत्‍या कर दी थी. पुलिस ने बताया था कि उन लोगों पर हमला इसलिए हुआ था कि वाट्सऐप पर इलाके में ऐसे लोगों की मौजूदगी की अफवाह फैल गई थी जो बच्‍चों का उनके अंगों के लिए अपहरण करते हैं.

देश में अलग अलग जगहों पर हो रहें हैं, लिंचिंग के घटनाएं

बता दें, देश के कई हिस्सों में बच्चा चोरी गिरोह की अफवाहों के चलते बेकूसर लोगों की हत्याओं ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं. बच्चा चोरी की अफवाहों में सोशल मीडिया भी आग में घी का काम कर रहा है. जून महीने में असम में बच्चा चोरी के आरोप में 2 लोगों को पीट-पीटकर मार डाला गया था. अभी कुछ दिन पहले राजस्थान के अलवर में कथित गोरक्षकों के द्वारा की गई अकबर खान की हत्या का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था, की भीड़ ने एक और अफवाह को हकीकत में बदलते हुए एक और जान ले ली.

सुप्रीम कोर्ट ने मॉब लिंचिंग के खिलाफ नया और सख्त कानून बनाने को कहा था

बता दें, देश में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या यानी  मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया था. कोर्ट ने संसद से मॉब लिंचिंग के खिलाफ नया और सख्त कानून बनाने को कहा था. आदेश देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था,, ‘कोई भी नागरिक अपने आप में कानून नहीं बन सकता है. लोकतंत्र में भीड़तंत्र की इजाजत नहीं दी जा सकती.’ सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को सख्त आदेश दिया कि वो संविधान के मुताबिक काम करें. कोर्ट ने कहा कि राज्‍य इन बढ़ती घटनाओं के खिलाफ बहरे नहीं हो सकते.

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