वाल्मी प्रशिक्षण के साथ देश का दूसरा शोध संस्थान Madhya Pradesh में बनेगा बनेगा 

मध्यप्रदेश ( Madhya Pradesh ) के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ( Rural Development Minister ) महेन्द्र सिंह सिसोदिया ( Mahendra Singh Sisodia ) ने कहा है कि वाल्मी प्रशिक्षण के साथ देश ( Country ) का शोध संस्थान बनेगा।

भोपाल: मध्यप्रदेश ( Madhya Pradesh ) के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ( Rural Development Minister ) महेन्द्र सिंह सिसोदिया ( Mahendra Singh Sisodia ) ने कहा है कि वाल्मी प्रशिक्षण के साथ देश ( Country ) का शोध संस्थान बनेगा। इसे धरातल तक ले जाना पड़ेगा। महेन्द्र सिंह सिसोदिया ( Mahendra Singh Sisodia ) ने मध्यप्रदेश ( Madhya Pradesh ) जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान वाल्मी के नवनिर्मित मुक्ताकाश मंच का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव, वाल्मी की संचालक उर्मिला शुक्ला उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश ( Madhya Pradesh ) बनाने के लिए राज्य शासन कृत-संकल्पित है, विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार के कार्य किए जा रहे हैं। वाल्मी को मनरेगा से जोड़कर इसका क्षेत्र विस्तार किया जायगा।

उन्होंने कहा कि इस तरह के देश में दो सेन्टर है, एक औरंगाबाद ( Aurangabad )
और दूसरा वाल्मी भोपाल ( Bhopal ) में स्थापित है। इसे और बेहतर बनाने के लिए सरकार के माध्यम से पूरी सहायता दी जायगी। यह संस्थान भविष्य में कीर्तिमान स्थापित करेगा। अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि कलात्मक प्रतिभाओं को प्रस्तुति के लिए एक नया स्थान मिला है। इसे बेस्ट बनाना होगा। वाल्मी विभिन्न गतिविधियों के विस्तार और अर्जित आय से संचालित है। इसे प्रशासनिक गतिविधियों के प्रशिक्षण के लिए तैयार करना है।

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वाल्मी की संचालक उर्मिला शुक्ला ने संस्थान की गतिविधियों के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि इस मुक्ताकाश मंच पर एक साथ 100 कलाकार प्रस्तुति दे सकेंगे और 250 दर्शकों की बैठक व्यवस्था रहेगी। उन्होंने क्लीन वाल्मी और ग्रीन वाल्मी में पधारे अतिथियों का स्वागत किया। अंत में विकास अवस्थी ने आभार व्यक्त किया।

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