ओएसएम और एफआईटीटी के बीच हुआ रणनीतिक करार, इलेक्ट्रिक वाहन के क्षेत्र में होगी महत्वपूर्ण संशाधनो की खोज

 

नयी दिल्ली: इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकियों और उन्नत अनुसंधान पर मिल कर काम करने के उद्देश्य से 13 अक्टूबर को ओमेगा सेकी मोबिलिटी और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली द्वारा स्थापित उद्योग संपर्क संगठन फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (एफआईटीटी) ने साझा करार किया है।

इलेक्ट्रिक वाहनो के क्षेत्र में होगी संसाधनों की खोज

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करते समय एंगलियन ओमेगा ग्रुप के अध्यक्ष उदय नारंग ने कि करार का उद्देश्य खासतौर पर वैकल्पिक ऊर्जा चालित वाहनों और इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों की खोज करना है। जिसके जरिये ओमेगा सेकी मोबिलिटी के मौजूदा वाहनों की सक्षमता और कार्य प्रदर्शन और बेहतर हो जायेगा। उन्होंने कहा कि सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकी एवं शोध विश्वविद्यालय से समझौता कर हम न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में योगदान देंगे। उन्होंने यह भी कहा की वैज्ञानिक और प्रौ़द्योगिकी शिक्षा और अनुसंधान में उत्कृष्टता अंततः संपूर्ण उद्योग जगत और समाज के लिए अनमोल संसाधन बन जाता है।

मील का पत्थर साबित होगा ये करार

एफआईटीटी के प्रबंध निदेशक डॉ. अनिल वाली ने कहा कि भारत में ई-मोबिलिटी आ गई है। पूरी दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहन के साथ नए युग की शुरुआत हुई है। दो भिन्न क्षेत्रों के सक्षम संगठनों के मिल कर काम करने का यह अवसर इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

वाहनों का विकास करने में मिलेगी सहायता

ओएसएम और एफआईटीटी के बीच हुए रणनीतिक करार के जरिये ओमेगा सेकी मोबिलिटी के दो, तीन और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के ऑटोमोटिव उपकरणों के लिए डिजाइन, सिमुलेशन, प्रोटोटाइप और उत्पादन कार्य तथा संपूर्ण वाहन का विकास करने में सहायता मिलेगी। और उनके परीक्षण या सैम्पलिंग के लिए लैब्स प्रोटोटाइप उपलब्ध कराएगी, जो एफआईटीटी के लिए सीधे सब्सिडी की तरह होगा और इलेक्ट्रिक वाहनों के वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान में खासा योगदान देगा।

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