अभी खत्म नहीं हुई हैं आरुषि के माता -पिता की मुसीबतें, कहानी में आया नया ट्विस्ट

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नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री आरुषि-हेमराज हत्याकांड में एक नया मोड आ गया है। आरुषि के माता- पिता राजेश और नूपुर तलवार की रिहाई से हेमराज का परिवार बिलकुल खुश नहीं है। हेमराज की पत्नी का कहना है कि वो सुप्रीम कोर्ट जाएंगी, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके साथ न्याय नहीं किया गया है।

हेमराज के परिवार ने सीबीआइ पर जांच में हेराफेरी का आरोप लगाया है। बता दें, हेमराज की पत्नी अपने गांव धारापानी में रहती हैं जो काठमांडु से 118 किमी दूर है। हेमराज की विधवा खुमकला बन्जादे ने अपनी आर्थिक तंगी का जिक्र करते हुए है कि, ‘हमारे पास दिल्ली से अपने गांव आने-जाने का पैसा नहीं है, यहां तक की एक कॉल करने तक का भी पैसा नहीं है लेकिन फिर भी हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।’

हेमराज की विधवा खुमकला बन्जादे ने कहा है कि वो हाईकोर्ट के फैसले से बिलकुल खुश नहीं हैं और चाहे कितनी भी परेशानियों का सामना करना पड़े लेकिन वो अपने पति हेमराज को न्याय दिलवाकर ही दम लेंगी इसलिए वो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी। उन्होंने कहा है कि उन्हें न तो किसी से वित्तीय मदद मिली और न ही लीगल। सिर्फ हेमाराज की विधवा ही नहीं बल्कि पूरा देश जानना चाहता है कि आखिर आरुषि और हेमराज को किसने मारा।

ये है पूरा मामल

16 मई 2008 की रात को नोएडा के जलवायु विहार में आरुषि की उसके ही घर में हत्या कर दी गई थी। एक दिन बाद उसके नौकर हेमराज का शव उसी घर की छत से मिला। 5 दिन बाद पुलिस ने ये दावा करते हुए आरुषि के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया कि राजेश ने आरुषि और हेमराज को आपत्तिजनक हालत में देखने के बाद दोनों की हत्या कर दी।

इस मामले की जांच एक जून को सीबीआई को सौंप दी गई थी। सीबीआई की जांच के आधार पर गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट ने 26 नवंबर, 2013 को हत्या और सबूत मिटाने का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद से तलवार दंपति जेल में बंद थे जिन्हें 12 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव के कारण बरी कर दिया है।

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