जनता पर चलेगा महंगाई का चाबुक! अब तक के सबसे निचले स्तर पर लुढ़का रूपया

नई दिल्ली। ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारतीय बाजार पर अर्थव्यवस्था की मार पड़ सकती है। साथ ही इसके मार से आम जनता भी त्रस्त हो सकती है। गुरुवार को भारतीय रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। बाजार खुलने के बाद रुपए एक डॉलर के मुकाबले 28 पैसे कमजोर होकर 69.05 के स्तर पर पहुंच गया।

महंगाई

सूत्रों के अनुसार अगर डॉलर इंडेक्स में तेजी और भू राजनैतिक नताव जारी रहता है तो रूपए का अगला निम्नतम स्तर 72 तक छू सकता है।

होंगे ये 4 बड़े नुकसान-

बढ़ेगी महंगाई
डॉलर के महेंगे होने से क्रूड आयल महंगा होगा। आयल के महंगे होने से आयात निर्यात पर असर पड़ेगा तो साड़ी चीजे महंगी हो जाएंगी। जो देश कच्चे तेल का आयात करते हैं, उन्हें अब पहले के मुकाबले (डॉलर के मुकाबले) ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे।

विदेश में बच्चों की पढ़ाई होगी महंगी
डॉलर मजबूत होने और रुपये के और नीचे गिरने से आपको पहले के मुकाबले थोड़े ज्यादा पैसे विदेश भेजने होंगे। इस तरह से विदेश में पढ़ रहे बच्चों की पढ़ाई भारतीय अभिभावकों को परेशान कर सकती है।

डॉलर में होने वाले सभी पेमेंट महंगे हो जाएंगे
वहीं अगर डॉलर कमजोर होता है तो डॉलर के मुकाबले भारत जिन भी मदों में पेमेंट करता है वह भी महंगा हो जाएगा। यानी उपभोक्ताओं के लिहाज से भी यह राहत भरी खबर नहीं है। यानी आसान शब्दों में भारत का इंपोर्ट बिल (आयात बिल) बढ़ जाएगा।

विदेश घूमना होगा महंगा
मान लीजिए अगर आप न्यूयॉर्क की हवाई सैर के लिए 3000 डॉलर की टिकट भारत में खरीद रहे हैं तो अब आपको पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे।

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