विश्व को मिलने जा रही है M-Yoga App की शक्ति, जानें इसकी खासियत

7 वीं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि विश्व को M-Yoga App की शक्ति मिलने जा रही है इस ऐप में योग प्रशिक्षण के कई वीडियो दुनिया की अलग-अलग भाषाओं में उपलब्ध होंगे

नई दिल्ली: 7 वीं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) देश को संबोधित करते हुए बताया कि जब भारत नें संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था तो उसके पीछे ये ही भावना थी कि योग विज्ञान पूरे विश्व के लिए सुलभ हो। इस दिशा में भारत ने संयुक्त राष्ट्र, WHO के साथ मिलकर एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब विश्व को M-Yoga App  की शक्ति मिलने जा रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि इस ऐप में कॉमन योगा प्रोटोकॉल के आधार पर योग प्रशिक्षण के कई वीडियो दुनिया की अलग-अलग भाषाओं में उपलब्ध होंगे। ये आधुनिक तकनीकी और प्राचीन विज्ञान के फ्यूजन का भी एक बेहतरीन उदाहरण है।

सांस्कृतिक पर्व योगा

PM मोदी ने अपने संबोधन में बोला कि दुनिया के अधिकांश देशों के लिए योग दिवस (Yoga Day) कोई उनका सदियों पुराना सांस्कृतिक पर्व नहीं है। इस मुश्किल समय में इतनी परेशानी में लोग इसे भूल सकते थे, इसकी उपेक्षा कर सकते थे। लेकिन इसके विपरीत, लोगों में योग का उत्साह बढ़ा है, योग से प्रेम बढ़ा है। उन्होंने कहा जब कोरोना के अदृष्य वायरस ने दुनिया में दस्तक दी थी, तब कोई भी देश, साधनों से, सामर्थ्य से और मानसिक अवस्था से, इसके लिए तैयार नहीं था। हम सभी ने देखा है कि ऐसे कठिन समय में योग आत्मबल का एक बड़ा माध्यम बना।

पीएम ने कहा कि भारत के ऋषियों ने भारत ने जब भी स्वास्थ्य की बात की है, तो इसका मतलब केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं रहा है। इसीलिए योग में फिजिकल हेल्थ के साथ साथ मेंटल हेल्थ पर इतना जोर दिया गया है। योग हमें स्ट्रेस से स्ट्रेंथ और नेगेटिविटी से क्रिएटिविटी का रास्ता दिखाता है। योग हमें अवसाद से उमंग और प्रमाद से प्रसाद तक ले जाता है।

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