योगी सरकार ने सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना को दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में इलेक्ट्राॅनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए नोएडा में उत्पाद आधारित ली-आयन सेल्स के लिये एक उत्कृष्टता केन्द्र (सेंटर आफ एक्सीलेंस) की स्थापना को सैद्धान्तिक मंजूरी प्रदान कर दी है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य में इलेक्ट्राॅनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए नोएडा में उत्पाद आधारित ली-आयन सेल्स के लिये एक उत्कृष्टता केन्द्र (सेंटर आफ एक्सीलेंस) की स्थापना को सैद्धान्तिक मंजूरी प्रदान कर दी है।
उप मुख्यमंत्री और आइटी एवं इलेक्ट्राॅनिक्स विभाग के मंत्री डाॅ. दिनेश शर्मा ने कहा कि सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना से इसके समीप बड़ी संख्या में स्टार्टअप तथा सूक्ष्म, लधु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बड़े पैमाने पर बाजार के लिये इलेक्ट्राॅनिक्स उपकरणों के उत्पादन के लिए प्रोटोटाइप चरण तक महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी उपलब्ध होगी।

उन्होंने कहा कि सेंटर आफ एक्सीलेंस में प्रदेश सरकार इलेक्ट्राॅनिक्स क्षेत्र के डिप्लोमा धारकों, आईटीआई, बी.एससी. व एम.एससी. उत्तीर्ण युवाओं को ‘सर्टिफिकेशन इन्जीनियर्स’ के रूप में नामित कर सकती है, जिससे रोज़गार के अवसरों का सृजन होगा।

इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार ने कहा

सेंटर आफ एक्सीलेंस के महत्व को बताते हुये अपर मुख्य सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार ने कहा कि राज्य की इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति-2020 में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एण्ड मैन्यूफैक्चरिंग (ई.एस.डी.एम.) में अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में विश्व-स्तरीय अवस्थापना सुविधाओं की स्थापना की जानी है।

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नोएडा में पूर्व से स्थापित अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र की उपलब्धता

उन्होने कहा “ नोएडा में पूर्व से स्थापित अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र की उपलब्धता के दृष्टिगत् इण्डियन सेल्यूलर एण्ड इलेक्ट्राॅनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने नोएडा में उत्पाद आधारित ली-आयन सेल्स (पोस्ट सेल) के लिये सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना करने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसे राज्य सरकार द्वारा सैद्धांतिक अनुमोदन प्रदान कर दिया गया है, केन्द्र सरकार से स्वीकृति मिलते ही इसकी स्थापना का कार्य प्रारम्भ हो जाएगा, जिसके शीघ्र ही मिलने की सम्भावना है।”

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राज्य में 3 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का लक्ष्य

कुमार ने बताया कि नीति के अन्तर्गत भारत सरकार तथा औद्योगिक संघों के सहयोग से राज्य में 3 (तीन) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का लक्ष्य है। उत्तर प्रदेश सरकार परियोजना की लागत का 25 प्रतिशत् वहन करेगी, जबकि 75 प्रतिशत् लागत केन्द्र और औद्योगिक संघों द्वारा वहन की जाएगी। प्रस्ताव में सेंटर आफ एक्सीलेंस के लिये केन्द्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से तीन वर्षों में अपेक्षित धनराशि क्रमशः रु. 9.04 करोड़ और रु. 3.01 करोड़ है, जबकि औद्योगिक संघ-आईसीईए का योगदान 5.36 करोड़ रुपये होगा।

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