आगामी बजट में पारदर्शिता में सुधार पर होगा पूरा जोर, राजकोषीय घाटे को कम करने की रहेगी नीति

देश में अगले माह पेश होने आम बजट से लोगों को बड़ी उम्मीदें लगी हुईं हैं. सबसे अहम् बात बजट में पारदर्शिता में सुधार से जुड़े ऐलान को बताया जा रहा है. एक विदेशी बैंक के शोध पत्र में कहा गया है कि सरकार के अगले महीने पेश होने वाले आम बजट में पारदर्शिता में सुधार से जुड़े एलानों की उम्मीद कर रहा है। ‘भारत का बजट पूर्वावलोकन: व्यय बढ़ाओ’ के मुताबिक, राजकोषीय घाटे में किसी भी तरह की कमी से कर्ज बढ़ोतरी नकारात्मक हो सकती है, लेकिन भविष्य में समेकन में बढ़ोतरी के साथ इसमें संतुलन कायम किए जाने की जरूरत है।

8 महीने में 15 फीसदी बढ़ा राजकोषीय घाटा-

रिपोर्ट में कहा गया है कि राजस्व में कमी के चलते वित्तीय वर्ष के शुरूआती 8 माह में राजकोषीय घाटा पहले से 15 प्रतिशत बढ़ गया. सरकार की मानें तो खर्चा बजट रुझानों के अनुरूप ही हो रहा है.

लेकिन अभी सरकार को आरबीआई से जीडीपी का 0.25 फीसदी, अदालत के आदेश के क्रम में दूरसंचार कंपनियों से आंशिक भुगतान और विनिवेश से राजस्व मिलना है।

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