मोदी के इस masterplan से अब नहीं होगी ऑक्सीजन की किल्लत

नई दिल्ली : यह तो सभी ने देखा था कैसे कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान मरीजों के रिश्तेदारों और तीमारदारों को ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए  दर-दर भटकना पड़ा था, जिस वजह से मोदी सरकार की काफी किरकिरी भी हुई थी। इस वाक़ये से सबक लेते हुए मोदी ने एक masterplan बनाते हुए कई बदलाव किये ताकि किसी के लिए भी ऑक्सीजन की किल्लत न हो।

इस masterplan से पचास फीसद बढ़ जायेगा उत्पादन

इस कड़ी में एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का लक्ष्य कोरोनो की तीसरी लहर से पहले अपनी मेडिकल ऑक्सीजन प्रोडक्शन क्षमता को प्रति दिन पन्द्र हज़ार टन तक बढ़ाना है। आपकी जानकारी के लिए बताते चलें दें कि इस साल की शुरुआत में जब दूसरी लहर चरम पर थी तब देश में ऑक्सीजन प्रोडक्शन मात्र दस हज़ार टन था, लेकिन मोदी के इस मास्टरप्लान से इसमें पचास फीसद की बढ़ोत्तरी हो जाएगी।

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इस कड़ी में राजधानी में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुधारने में मदद के लिए उत्पादन प्लांटों और स्टोरेज सेंटर्स के निर्माण के वास्ते मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन प्रचार नीति के तहत आवेदन मांगे गए हैं। ताकि वक़्त रहते गैस के प्रोडक्शन को बढ़ाया जा सके।

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