अफगानिस्तान की चाय में नहीं होगी मिठास, भारत से नहीं भेजी जाएगी चीनी

नई दिल्ली: अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान के कब्जे के बाद से वहां पर जुल्म उठाए जा रहे है। अफगान के हालात बेहद चिंताजनक बने हुए है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत कारोबारियों ने अफगानिस्तान को चीनी न देने का फैसला किया है। भारत की तरफ से पड़ोसी देश को चीनी का निर्यात (Sugar Export) फिलहाल बंद कर दिया गया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस मामले में बताया कि भारतीय व्यापारियों ने अफगानिस्‍तान के लिए चीनी के सभी निर्यात ऑर्डर रद्द कर दी है। चीनी निर्यात के लिए शीर्ष तीन देशों में से भारत एक है। हर साल करीब छह-सात लाख टन चीनी का निर्यात भारतीय व्यपारी अफगानिस्‍तान को करते हैं। आपको बता दें कि अफगानिस्तान में हुकूमत जमाने के साथ तालिबान (Taliban) ने अफगान सरकार को बेदखल कर दिया है। काबुल पर कब्जा करने के बाद देश का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है।

हालात ठीक होने पर फिर शुरू होगा निर्यात!

सितंबर में समाप्त होने वाले चीनी सत्र 2020-21 में अब तक देश से करीब साढ़े छह लाख टन चीनी का निर्यात अफगानिस्तान में किया जा चुका है। चीनी का निर्यात अक्टूबर से सितंबर तक चलता है। खाद्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुबोध कुमार सिंह ने बताया कि अफगानिस्तान को हमारा चीनी निर्यात वहां की मौजूदा स्थिति के कारण प्रभावित हुआ है लेकिन कुछ ऑर्डर रद्द कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के हाथ जब वहां के हालात ठीक हो जाएंगे तो एक बार फिर से अफगानिस्तान को चीनी का निर्यात अगले सत्र में फिर से शुरू हो जाना चाहिए।

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