UP के ये बिल्डर सरकार के रेडार पर, शुरू हुई कार्रवाई

गाजियाबाद: सरकारी राजस्व में करोड़ों का चुना लगाने वाले बिल्डर्स के खिलाफ सूबे की योगी सरकार सख्त हो गयी है। बिल्डर्स पर कार्रवाई को लेकर गाज़ियाबाद से बड़ी खबर सामने आयी है। यहाँ प्रॉपर्टी को बिना रजिस्ट्री कब्ज़ा देने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है। इनपर नकेल कसने के लिए जिलाधिकारी ने ऐसे बिल्डरों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

जिला प्रशासन के आदेश की माने तो अब वैसे बिल्डरों पर कार्रवाई शुरू करने जा रही है, जिन्होंने प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री नहीं कर सीधे आवंटियों कब्जा दे दिया था। गाजियाबाद के डीएम आर के सिंह ने ऐसे बिल्डरों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं. डीएम के आदेश के बाद उन बिल्डरों में खौफ पैदा हो गया है, जिन्होंने आवंटियों के बिना ही फ्लैट सौंप कर करोड़ों के राजस्व का चूना लगाया है।

GDA faced with severe staff crunch; 50 positions for engineers vacant

रजिस्ट्रेशन विभाग की समीक्षा बैठक के बाद डीएम ने दिए आदेश

बता दें बीते दिनों गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि अब कोरोना का संक्रमण लगभग थम चुका है। ऐसे में शासन की तरफ से जो राजस्व वसूलने का लक्ष्य दिए गए हैं, उसे पूरा किया जाए। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्टांप और रजिस्ट्रेशन विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि आपलोग जांच कर बताएं कि अब जिले में कितने ऐसे बिल्डर हैं, जिन्होंने ग्रुप हाउसिंग आवंटियों को बिना रजिस्ट्री कराए कब्जा जारी किया है।

GDA से स्टांप विभाग को रिपोर्ट मिली है

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों से जिले के कई बिल्डरों पर आरोप लग रहे हैं कि वह बिना रजिस्ट्री के ही खरीदारों को फ्लैट पर कब्जा दे देते हैं। इस तरह की कई रिपोर्ट स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग तक भी पहुंची है। इसी के चलते अब AIG स्टांप ने GDA को पत्र भी लिखा था। GDA से स्टांप विभाग ने ऐसी ग्रुप हाउसिंग की डिटेल रिपोर्ट मांगी है, जिन ग्रुप हाउसिंग के लिए बिल्डरों ने कंप्लीशन सर्टिफिकेट हासिल किया या फर इसके लिए आवेदन किया है। ऐसा माना जा रहा है कि स्टांप विभाग ने राजनगर एक्सटेंशन सहित जिले के कई इलाके में ऐसी कई ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों की लिस्ट सौंपी है, जिनका निर्माण कार्य कई साल पहले ही पूरा कर बायर्स को कब्जा भी दे दिया गया है। इन फ्लैट्स की रजिस्ट्री अभी तक नहीं कराई गई है। इस कारण से सरकार को अभी तक स्टांप शुल्क नहीं मिल पाया है।

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