अंग्रेजों के जमाने में बने थे कानपुर के ये चर्च, इतिहास जान आपको भी होगा फक्र

UP के कानपुर में ओमिक्रॉन के खतरे के बीच क्रिसमस डे को लेकर ख़ास इंतज़ाम किए गए हैं

जिंगल बेल…जिंगल बेल…जिंगल ऑल द वे, आज हर ओर यही सुर सुनाई दे रहा है. क्रिसमस की धूम बस देखते ही बन रही है. ऐसे में आज हम आपको ऐसे चर्च के बारे में बताएंगे, जिसका इतिहास बेहद रोचक है. हम बात कर रहे हैं कानपुर शहर की जहां मौजूद चर्च की बात करें तो यहां मेमोरियल चर्च, मेथाडिस्ट चर्च, क्राइस्ट चर्च, सेंट कैथरीन चर्च और चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया समेत कई चर्च हैं. जिनकी अनूठी हिस्ट्री है

एलएलजेएम मेथाडिस्ट चर्च

इस चर्च के बारे में बताया जाता है कि यह चर्च आज से 104 वर्ष पुराना है. एलएलजेएम मेथाडिस्ट चर्च के पादरी ने बताया कि इस चर्च का निर्माण बेहद संजीदगी के साथ कराया गया है. क्योंकि इस इमारत में एक ऐसी मास्टर की लगी है कि यदि उस की को खींचा गया तो पूरी इमारत गिर जाएगी.

चर्च ऑफ नार्थ इंडिया (ग्वालटोली चर्च)

शहर में यह चर्च श्रमिकों की प्रार्थना के लिए पहचाना जाता है. इसका निर्माण एसएम गिलम की देखरेख में पूरा हुआ था. यह चर्च के 1900 में अस्तित्व में आया और निर्माण 1917 में हुआ. फादर ने बताया कि चर्च में रोजाना 325 से ज्यादा लोग प्रभु की आराधना के लिए आते हैं.

 

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