नेपाल की पार्टी ‘राजपा’ को झटका, ये 5 बड़े नेता इस चुनाव चिन्ह पर लड़ेंगे इलेक्शन

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सगीर ए खाकसार

बढ़नी, सिद्धार्थ नगर। पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल में चुनाव से पूर्व सोमवार को हुए एक राजनैतिक घटनाक्रम में मधेसी राजनीति की चूल्हें हिल गयीं। जब मधेश की प्रमुख राजनैतिक दल राष्ट्रीय जनता पार्टी (राजपा) के पांच बड़े और शीर्ष नेताओं ने नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा एमाले) के चुनाव चिन्ह सूर्य से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी।

नेकपा एमाले और राजपा के वरिष्ठ नेताओं के बीच आगामी प्रतिनधि सभा और प्रदेश सभा का चुनाव लड़ने में सहमति हो गयी है। राजपा के ये बड़े नेता स्वतंत्र राजनैतिक समूह के रूप में एमाले के चुनाव चिन्ह पर चुनाव में भाग लेंगे। नेपाल में विधान सभा और लोक सभा के चुनाव नवम्बर के आखिरी हफ्ते और दिसम्बर के पहले हफ्ते में दो चरणों में होने वाला है। फिलवक्त नेपाल में नए नए राजनैतिक समीकरण उभर रहे हैं। विभिन्न विभिन्न सियासी दलों के नेता नए राजनैतिक परिदृश्य के हिसाब से अपना अपना राजनैतिक भविष्य साधने में अभी से जुट गए हैं।

नेपाल में हालिया स्थानीय चुनाव और उससे पूर्व के चुनाव में मधेशी दलों के जनाधार में कमी आयी है। हालांकि नेपाल की राष्ट्रीय पार्टियों नेकपा एमाले, नेपाली कांग्रेस और माओवादी केंद्र का प्रदर्शन शानदार रहा है। परिणाम स्वरूप नेपाल की राष्ट्रीय पार्टियों की तरफ लोगों का झुकाव बढ़ रहा है। मधेशी वादी दल राष्ट्रीय जनता पार्टी को सोमवार को एक और बड़ा झटका लगा, जब राजपा अध्यक्ष मंडल के सदस्य और पूर्व मंत्री ह्रदयेश त्रिपाठी, पूर्व मंत्री ईश्वरदयाल मिश्रा, पूर्व मंत्री बृजेश गुप्ता, राजपा केंद्रीय समिति के सदस्य पशुपति दयाल मिस्र, राजपा केंद्रीय समिति के सदस्य जगदीश शुक्ला, जैसे कद्दावर मधेशी नेताओं ने नेकपा एमाले से हुए एक समझौते के तहत उसके चुनाव चिन्ह सूर्य से चुनाव लड़ने का एलान कर मधेश की सियासत में भूचाल ला दिया।

राजपा नेता ईश्वर दयाल मिस्र उर्फ वीरेंद्र मिश्रा

अभी पिछले हफ्ते राजपा के सह सचिव मिर्ज़ा अरशद बेग भी नेकपा एमाले में शामिल हुए थे। मिर्ज़ा सदभावना पार्टी से लोकसभा सदस्य के कपिलवस्तु से उम्मीदवार रहे हैं। मिर्ज़ा ने पार्टी के काठमाण्डू स्थित मुख्यालय पर नेकपा एमाले के शीर्ष नेताओं नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली, पूर्व प्रधानमंत्री झल नाथ खनाल, पूर्व प्रधानमंत्री माधव नेपाल, पूर्व उप प्रधानमंत्री वाम देव गौतम, पूर्व रक्षा मंत्री भीम रावल के अलावा कई बड़े पार्टी नेताओं की मौजूदगी में नेकपा एमाले में शामिल हुए थे।

मधेशवादी दलों के लगातार एमाले में शामिल होने के सवाल पर नेकपा एमाले केंद्रीय समिति के सदस्य और नेपाल मुस्लिम इत्तेहाद संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद फारूकी कहते हैं, कि हमारी पार्टी सर्वांगीण विकास की पक्षधर है। श्री के पी शर्मा ओली के प्रधानमंत्रित्व काल में मधेश केंद्रित बजट के ज़रिए विकास को गति दी गयी थी। इस वजह से मधेसियों का रुझान पार्टी के प्रति बढ़ रहा है।

राजपा नेता बृजेश कुमार गुप्ता

कपिलवस्तु क्षेत्र नंबर एक से नेकपा एमाले के सांसद बलराम अधिकारी कहते हैं। नेकपा एमाले के विकास की बृहद योजना है। मधेश पर हम व्यापक रूप से हमारी पार्टी काम कर रही है। हम उन सभी नेताओं का स्वागत करते हैं जो हमारी पार्टी की नीतियों से सहमत हैं। फिलवक्त नेपाल के मधेश में हर पल सियासी समीकरण बदल रहे हैं।

अभी हाल ही में नेकपा (माओवादी केंद्र) ने भी नेपाल की तराई में बड़ी जनसभा कर और सैकड़ों के तादाद में मधेशी समुदाय को पार्टी से जोड़ने में कामयाबी हासिल की है। जबकि, मधेश की सरज़मींन माओवादियों के लिए कभी भी उर्वर नहीं रही है।

राजपा नेता ह्रदयेश त्रिपाठी

नेपाल के कृष्ण नगर में उभरी भीड़ से माओवादी केंद्र के सुप्रीमो और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहाल भी गदगद दिखे।

अभी कपिलवस्तु ज़िले में कई बड़े मधेशवादी नेताओं के नेपाली कांग्रेस, नेकपा एमाले, और माओवादी केंद्र में जानें कि अटकलें लागई जा रही हैं। राजनैतिक प्रेक्षकों का मानना है कि अभी मधेशवादी दलों को और भी झटके लगेंगे।

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