ये घरेलू उपाय करेंगे जानलेवा चिकनगुनिया से सुरक्षा, पढ़े पूरी खबर……..

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मुबंई। इन दिनों चिकनगुनिया की समस्या काफी हद तक बढ़ गयी है। इससे पीड़ित व्यक्ति दर्द से बेहाल रहता है। यह रोग मादा एडीज मच्छर के काटने से होता है। खास बात यह है कि इस बीमारी को फैलाने वाला मच्छर अक्सर दोपहर में ही काटता है। बता दें, मच्छर की लार में मौजूद चिकनगुनिया का वायरस व्यक्ति के शरीर में पहुंचकर इस बीमारी को फैलाता है।कहा जाता है कि इस बीमारी का सबसे बुरा असर व्यक्ति के लिवर पर पड़ता है। इसके साथ ही इंसान को तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, शरीर में सूजन,सर्दी-खांसी जैसी शिकायत रहती है। जहां तक बच्‍चों की बात है, उन्‍हें जोड़ों में हल्‍के दर्द का सामना करना पड़ता है। हालांकि, उन्‍हें उल्‍टी और पेट की मांसपेशियों में दर्द जैसी सामान्‍य समस्‍याओं से दो-चार होना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं के साथ सबसे बड़ा खतरा यह होता है कि यह बीमारी उनके जरिये भ्रूण को भी प्रभावित कर सकती है।

इसके साथ ही चिकनगुनिया के कारण उन्‍हें प्रसव में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विशेषतौर पर अगर गर्भावस्‍था के अंतिम चरण में महिला को यह बीमारी हो जाती है जिसके कारण उसे सीजेरियन भी करवाना पड़ सकता है।

चिकनगुनिया का अभी तक कोई इलाज नहीं है। इसके इलाज का मुख्‍य उद्देश्‍य बुखार और दर्द का सही प्रबंधन करना होता है। चिकनगुनिया के कारण होने वाले जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए आयुर्वेदिक व होम्‍योपैथी का सहारा भी लिया जा सकता है। एक स्‍वस्‍थ आहार जिसमें फल और सब्जियों की मात्रा अधिक हो आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।

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